रायटर्स के पत्रकारों के खिलाफ म्यांमार में ऐतिहासिक फैसला आज

यंगून : म्यांमार में रायटर्स के दो पत्रकारों के खिलाफसोमवारको एक फैसला आ सकता है.इसमें उन्हें 14-14 साल तक की सजा सुनायी जा सकती है. इन पत्रकारों को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे रोहिंग्या नरसंहार के एक मामले की जांच कर रहे थे और इस ऐतिहासिक मामले ने दुनिया भर का ध्यान अपनी […]

यंगून : म्यांमार में रायटर्स के दो पत्रकारों के खिलाफसोमवारको एक फैसला आ सकता है.इसमें उन्हें 14-14 साल तक की सजा सुनायी जा सकती है. इन पत्रकारों को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे रोहिंग्या नरसंहार के एक मामले की जांच कर रहे थे और इस ऐतिहासिक मामले ने दुनिया भर का ध्यान अपनी तरफ खींचा.

यंगून में पुलिस के साथ खाने पर आमंत्रित किये जाने के बाद और रेस्टोरेंट से निकलने के बाद गिरफ्तार किये गये ला लोन (32) और कयाव सोई ओ (28) दिसंबर से म्यांमार की जइनसेनी जेल में बंद हैं. उन पर रखाइन राज्य के बारे में वर्गीकृत दस्तावेज रखने के मामले में औपनिवेशिक युग के गोपनीयता कानून के उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था.

रायटर्स ने आरोपों का खंडन किया और सहायता के लिए जाने-माने मानवाधिकार वकील अमाल क्लूनी की मदद ली. वकील ने अपनी दलील में कहा कि पत्रकार दुर्व्यवहार का पर्दाफाश करने के लिए केवल अपना काम कर रहे थे.

फैसले से एक दिन पहले वकीलों में से एक थान जाव आउंग ने बताया, ‘हमने वह सब प्रयास किया है, जो हम कर सकते थे.’ उन्होंने कहा, ‘अगर न्यायपालिका स्वतंत्र और निष्पक्ष है, तो हमारे पत्रकारों को बरी कर दिया जायेगा.’

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By Prabhat khabar digital desk

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