जॉन मैक्केन का 81 साल की उम्र में निधन

वाशिंगटन : अमेरिकी नेवी के बॉम्बर पायलट, वियतनाम युद्ध के हीरो और अमेरिका के राष्ट्रपति पदकी उम्मीदवारीके लिए दो बार नामित कियेगये सीनेटर जॉन मैक्केन का 81 साल की उम्र में निधन हो गया. वह मस्तिष्क के कैंसर से पीड़ित थे. उन्होंने शनिवार की शाम 04:28 बजे अंतिम सांस ली. जॉन मैक्केन के दफ्तर से […]

वाशिंगटन : अमेरिकी नेवी के बॉम्बर पायलट, वियतनाम युद्ध के हीरो और अमेरिका के राष्ट्रपति पदकी उम्मीदवारीके लिए दो बार नामित कियेगये सीनेटर जॉन मैक्केन का 81 साल की उम्र में निधन हो गया. वह मस्तिष्क के कैंसर से पीड़ित थे. उन्होंने शनिवार की शाम 04:28 बजे अंतिम सांस ली. जॉन मैक्केन के दफ्तर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गयी है.

मैक्केन के परिवार के सदस्यों ने एक दिन पहले कहा था, ‘मैक्केन ने जीवन की उम्मीदों को पार कर लिया है, लेकिन बीमारी बढ़ती जा रही है और उनका फैसला बढ़ती उम्र को भी दर्शाता है.’ परिवार ने कहा कि अब उन्होंने चिकित्सकीय उपचार बंद करने का निर्णय लिया, जो उनकी इच्छाशक्ति को दर्शाता है.’ छह बार के जीओपी के सीनेटर एक सप्ताह और जीवित रहते, तो वह 82 साल के हो जाते. वह दिसंबर, 2017 से राजधानी से दूर हैं.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा, ‘हम सभी उनके कर्जदार हैं.’ मैक्केन वर्ष 2008 के राष्ट्रपति चुनाव में ओबामा से राष्ट्रपति की उम्मीदवारी में हारगये थे. वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैक्केन के लिए उनके मन में बहुत आदर है. मैक्केन को युद्ध के हीरो के रूप में जाना जाता है. वियतनाम में वह पांच साल तक कैदी के रूप में रहे थे और वहां उन्हें काफी प्रताड़ित किया गया था. इस सप्ताह उन्होंने कैंसर का इलाज लेना बंद कर दिया था.

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मैक्केन के कार्यालय से जारी बयान को ट्वीट करते हुए ब्रिटिश समाचार पत्र द गार्जियन के पत्रकार बेन जैकॉब्स ने यह सूचना साझा की. न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार जोनाथन मार्टिन ने ट्वीट किया, ‘सीनेटर जॉन सिडनी मैक्केन-3 का 25 अगस्त, 2018 की शाम 4:28 बजे निधन हो गया. जिस वक्त उनका निधन हुआ, उनकी पत्नी सिंडी और परिवार के अन्य सदस्य उनके साथ थे. उन्होंने 60 साल तक पूरी निष्ठा के साथ अमेरिका की सेवा की.’

अमेरिकी सीनेटर जॉन मैक्केन, जो कई सालों तक युद्धबंदी भी रहे, अपने देश की राजनीति के दिग्गज खिलाड़ी थे. वर्ष 2008 में रिपब्लिकन पार्टी ने उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए नामित किया. हालांकि, वह हार गये. उन्हें दो बार राष्ट्रपति पद के लिए नामित किया गया, लेकिन कभी भी वह चुने नहीं गये.

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अपने प्रतिद्वंद्वी के लिए भी उनके मन में बहुत सम्मान था. उनकी महानता के बारे में जाने-माने लेखक स्टीफन किंग ने वर्ष 2008काएक वाकयाट्विटरपर शेयर किया है. किंग ने लिखा है कि उनकी नजर में जॉन मैक्केन की इज्जत उस वक्त और बढ़ गयी, जब उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी बराक ओबामा के बारे में की गयी एक महिला की टिप्पणी का इतना खूबसूरत जवाब दिया.

उन्होंने लिखा : वह अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित किये गये थे और बराक ओबामा के खिलाफ चुनाव प्रचार कर रहे थे. एक रैली के दौरान एक महिला ने ओबामा को अरबकानागरिक बताया. इस पर जॉन मैक्केन ने कहा, ‘नहीं मैडम. वह एक भद्र पुरुष हैं. पारिवारिक व्यक्ति हैं. वह अमेरिकी नागरिक हैं, जिनसे मैं सहमत नहीं हूं.’ यह बताता है कि जॉन मैक्केन कितने महान थे.

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