बर्लिनः जो लोग सेक्स से संबंधित चीजों को बहुत अधिक देखते हैं उनमें मस्तिष्क का विकास कम होता है. एक नये अध्ययन से यह पता चला है कि सेक्स से संबंधित चीजों को बहुत अधिक देखने वालों के दिमाग में मस्तिष्क के विकास के लिए आवश्यक ग्रे मैटर बहुत कम पाया जाता है.
मैक प्लांक्स इंस्टीच्यूट फॉर ह्यूमन डेवेलॉपमेंट इन बर्लिन, जर्मनी के शोधकर्ताओं ने कहा है कि वैज्ञानिक पोर्नोग्राफी से लोगों पर पडने वाले प्रभाव के बारे में आने वाले दिनों में अध्ययन करेंगे. शोधकर्ताओं ने इसके लिए पोर्न में अभिरुचि रखने वाले 21 से 45 आयु वर्ग के लोगों पर यह रिसर्च किया. इन लोगों ने अध्ययन के दौरान बताया कि वे सामान्यतः हर सप्ताह 4-5 घंटे पोर्न देखते हैं.
शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क के एमआरआई तकनीक के द्वारा पोर्न देखने वालों एवं पोर्न नहीं देखने वालों के दिमाग का तुलनात्मक अध्ययन किया. शोधकर्ताओं ने पाया कि पोर्न देखने वालों के मस्तिष्क में ग्रे मैटर की मात्रा काफी कम थी. लेकिन सिकुडे मस्तिष्क के कारण लोग अधिक पोर्न देखते हैं या फिर पोर्न देखने के कारण उनका मस्तिष्क सिकुड जाता है इसका निष्कर्ष उन्होंने अपने अध्ययन में नहीं दिया.
शोध में बताया गया कि मस्तिष्क के एक भाग के छोटा होने के कारण ऐसे लोगों में बाहरी उत्तेजना की आवश्यकता होती है और इसी कारण वे पोर्नोग्राफी जैसी चीजों का सहारा लेते हैं, और धीरे-धीरे उनके पोर्न देखने की सीमा बढ जाती है.
जर्नल जामा में प्रकाशित लेख में कहा गया है कि ऐसा नहीं है कि पोर्न देखने वालों का मस्तिष्क सिकुड जाता है. विशेषज्ञों ने कहा है कि इस पर आगे और भी रिसर्च की आवश्यकता है.
