कोलकाता : कोलकाता की अपनी यात्रा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कोलकाता के सेंट्रल एवेन्यू स्थित बेरिवाल परिवार के यहां ठहरा करते थे. पूर्व प्रधानमंत्री के निधन से पूरे देश के साथ-साथ बेरिवाल परिवार भी शोक संतप्त है और पूर्व प्रधानमंत्री के साथ बिताये गये क्षणों को याद कर रहे हैं. बेरिवाल परिवार के लिये वाजपेयी एक पारिवारिक मित्र की तरह थे. घनश्याम बेरिवाल का कहना है : वह कष्ट में थे. उनको मुक्ति मिल गयी. वह ज्ञान के भंडार थे. वह भारत के रत्न थे.
उन्होंने कहा कि जब भी बिहार, ओडिशा में उनका कोई कार्यक्रम होता, वह कोलकाता होकर ही आया-जाया करते और हमारे घर ठहरते थे. उन्होंने वाजपेयी के उन दिनों को याद करते हुए कहा : वह मांसाहारी थे और अच्छे भोजन के पारखी भी, लेकिन हमारे घर में मांसाहारी खाना नहीं बनता. इसलिए वह हर तरह का खाना खाते. कभी-कभी तो वाजपेयीजी हमारी बालकनी में बैठकर ही पुचका (गोलगप्पा) खाते थे.
परिवार के एक सदस्य ने बताया : वाजपेयीजी हमारे घर में फिल्मे भी देखा करते थे. एक बार हमलोगों ने ‘उमराव जान’ देखी. वह बहुत अच्छे व्यक्ति हैं. बेरिवाल परिवार ने बताया कि कई अवसरों पर तो वह बिना किसी पूर्व सूचना के आकर हमें सुखद आश्चर्य में डाल देते थे. बेरिवाल परिवार के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि जब भी हमलोग दिल्ली जाते बेझिझक उनके घर चले जाते चाहे वह कितने व्यस्त हों.
वह किसी एक वर्ग के नहीं, वरन सभी वर्ग को साथ लेकर चलने के पक्ष
धर थे. वह कहते थे कि सभी को प्रेम करना होगा. चाहे वह मुस्लिम हो या हिंदू या इसाई. सभी देश के लिए नागरिक हैं.
उन्होंने कहा कि वह खाने के पक्षधर थे तथा उन्हें तीखा खाना पसंद थे. वह उनके रसाई में चले जाते थे और वह कहते थे कि क्या खाना है और अपनी पसंद का खाना खाते थे.
