सीरियाई और रूसी सैनिकों के मुठभेड़ में मारा गया बगदादी का छोटा बेटा बद्री

बेरुत : इस्लामिक स्टेट समूह ने कहा है कि सीरिया सरकार के बलों से लड़ते हुए उसके नेता अबू बकर अल बगदादी का बेटा हुज़ैफा अल बद्री मारा गया है. बगदादी के छोटे बेटे के मारे जाने की जानकारी मंगलवार देर शाम समूह के सोशल मीडिया अकाउंट पर दी गयी. इसमें युवक की तस्वीर भी […]

बेरुत : इस्लामिक स्टेट समूह ने कहा है कि सीरिया सरकार के बलों से लड़ते हुए उसके नेता अबू बकर अल बगदादी का बेटा हुज़ैफा अल बद्री मारा गया है. बगदादी के छोटे बेटे के मारे जाने की जानकारी मंगलवार देर शाम समूह के सोशल मीडिया अकाउंट पर दी गयी. इसमें युवक की तस्वीर भी जारी की है, जिसके हाथ में राइफल है. बयान में इस महीने की तारीख डाली गयी है और बताया गया है कि वह अच्छा लड़ाका था. वह मध्य होम्स प्रांत में एक ऊर्जा स्टेशन पर सीरियाई और रूसी सैनिकों के साथ लड़ाई में मारा गया है.

इसे भी पढ़ें : क्या जिंदा है बगदादी ? फिर आयी उसके घायल होने की खबर

आईएस ने 2014 में इराक के बड़े हिस्से पर कब्जे के बाद सीरिया और इराक में खुद को खलीफा घोषित किया था. बहरहाल, तब से लेकर अब तक सीरिया और इराकी बलों के आतंकवाद रोधी अभियान में जिहादियों को काफी हद तक खदेड़ दिया गया है. पिछले साल इराकी सरकार ने आईएस पर जीत का ऐलान किया था, लेकिन सेना अब भी सीरियाई सीमा पर ज्यादातर मरुस्थलीय इलाकों को निशाना बनाकर अभियान चला रही है.

इराक के एक खुफिया अधिकारी ने मई में बताया था कि कई मौकों पर माना गया कि आईएस नेता बगदादी मर गया है, लेकिन वह अब भी जिंदा है और सीरिया में है. बगदादी को धरती पर मोस्ट वांटेड व्यक्ति घोषित किया गया है. यहां तक कि अमेरिका ने उसे पकड़ने पर दो करोड़ 50 लाख डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है. बगदादी के परिवार के बारे में कम जानकारी है, लेकिन 2014 में लेबनान में एक महिला और बच्ची को हिरासत में लिया गया था. उनके बारे में माना गया था कि वह उसकी पत्नी और बेटी है.

सीरियन ऑब्जरवेटरी फॉर ह्यमन राइट्स ने मंगलवार देर शाम बताया कि पूर्वी सीरिया के डेर-अल-जोर में आईएस के कब्जे वाले अंतिम इलाके में अमेरिका नीत गठबंधन ने भारी गोलाबारी की. ऐसा माना जाता है कि हजिन में कम से कम 12 आतंकवादी मारे गये हैं. इसने बताया कि दक्षिण-पश्चिम सीरिया में लड़ाई से बचकर भाग रहे कम से कम 11 सीरियाई विस्थापितों की बारूदी सुरंग की चपेट में आने से मौत हो गयी.

वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को बताया कि दो हफ्ते लंबे हमले ने अब तक 3,30,000 लोगों को विस्थापित कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक ने बताया कि जॉर्डन की सरहद के नजदीक बिच्छू काटने, निर्जलीकरण और जलजनित बीमारियों की वजह से दो महिलाओं समेत कम से कम 12 बच्चों की मौत हुई है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >