नयी तकनीक से भूंकपों की तीव्रता का जल्द पता लगेगा

लंदन : वैज्ञानिकों ने जबरदस्त भूकंपों की तीव्रता के तीव्र आकलन के लिए गुरत्वाकर्षण पर आधारित एक तकनीक का विकास किया है. वर्तमान में वैज्ञानिक इस कुदरती घटना की माप के लिए भूकंप की तरंगों का इस्तेमाल करते हैं. फ्रांस के पेरिस डेडोरॉट यूनिवर्सिटी और अमेरिका के कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अनुसंधानकर्ताओं ने 2011 […]

लंदन : वैज्ञानिकों ने जबरदस्त भूकंपों की तीव्रता के तीव्र आकलन के लिए गुरत्वाकर्षण पर आधारित एक तकनीक का विकास किया है. वर्तमान में वैज्ञानिक इस कुदरती घटना की माप के लिए भूकंप की तरंगों का इस्तेमाल करते हैं. फ्रांस के पेरिस डेडोरॉट यूनिवर्सिटी और अमेरिका के कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अनुसंधानकर्ताओं ने 2011 में जापान के तोहोकु में आये भूकंप का विश्लेषण किया.

इसमें यह बात निकलकर सामने आई कि गुरत्वाकर्षण में बदलाव के जरिये बहुत जल्द जानकारी हासिल की जा सकती है. भूकंप आने पर उसकी तरंगों की माप से भी पहले गुरत्वाकर्षण में होने वाले तात्कालिक बदलाव को दर्ज किया जा सकता है. इस अध्ययन का प्रकाशन साइंस जर्नल में किया गया है. अध्ययन में अनुसंधानकर्ताओं ने गुरत्वाकर्षण से जुडे कमजोर संकेतों का पता लगाया और साथ ही समझा कि वे कहां से आते हैं.

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