बिहार की राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ में रहने वाले अख्तर इमाम ने एक फैसले से सारी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. एक तरफ जहां केरल हथिनी हत्याकांड से समूचे देश में उबाल देखा गया. वहीं, दूसरी तरफ पटना के फुलवारीशरीफ के जानीपुर में रहने वाले अख्तर इमाम ने अपने दोनों हाथियों मोती और रानी के नाम वसीयत कर दी. यही नहीं अकाउंट खोलकर उसमें चार लाख से ज्यादा रुपये भी डिपॉजिट कर दिए. अख्तर इमाम का कहना है कि उनकी वसीयत से सिर्फ मोती और रानी की नहीं, देश के दूसरे हाथियों की देखभाल भी हो सकेगी.
पटना के अख्तर इमाम ने हाथियों के नाम की करोड़ों की संपत्ति, हाथियों को चेन-फ्री करने का लक्ष्य
बिहार की राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ में रहने वाले अख्तर इमाम ने एक फैसले से सारी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. एक तरफ जहां केरल हथिनी हत्याकांड से समूचे देश में उबाल देखा गया. वहीं, दूसरी तरफ पटना के फुलवारीशरीफ के जानीपुर में रहने वाले अख्तर इमाम ने अपने दोनों हाथियों मोती और रानी के नाम वसीयत कर दी. यहीं नहीं अकाउंट खोलकर उसमें चार लाख से ज्यादा रुपये भी डिपॉजिट कर दिए. अख्तर इमाम का कहना है कि उनकी वसीयत से सिर्फ मोती और रानी की नहीं, देश के दूसरे हाथियों की देखभाल भी हो सकेगी.
