Bicycle को हिंदी में क्या कहते हैं, 99% लोगों को नहीं होगा मालूम . . .

Bicycle in Hindi: साइकिल को हम बचपन से चलाते आ रहे हैं उसे हिंदी में 'द्विचक्र वाहिनी' कहते हैं. दरअसल, साइकिल में दो पहिए होते हैं और इसकी वजह से इसे 'द्विचक्र वाहिनी' कहा जाता है. कई बार क्षेत्रीय भाषा में साइकिल को 'पैरगाड़ी' भी कह देते हैं.

Bicycle in Hindi: हम अपनी रोजाना की ज़िंदगी में बहुत से ऐसे शब्द बोलते हैं जो हिंदी के नहीं. लेकिन उन्हें बोलते हुए हमें ये अहसास नहीं होता कि हम किसी दूसरी भाषा के शब्द बोल रहे हैं. या फिर उन्हीं, दूसरी भाषा के शब्दों का पर्यायवाची हिंदी में देखें तो पता चलता है कि हमने कितनी आसानी से दूसरी भाषाओं के शब्दों को अपना लिया है. अक्सर पूछा जाता है कि साइकिल को हिंदी में कहा जाता है? बहुत से लोगों का इसका पता नहीं होगा

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साइकिल की हिंदी जान लीजिए

जिस साइकिल को हम बचपन से चलाते आ रहे हैं उसे हिंदी में ‘द्विचक्र वाहिनी’ कहते हैं. दरअसल, साइकिल में दो पहिए होते हैं और इसकी वजह से इसे ‘द्विचक्र वाहिनी’ कहा जाता है. कई बार क्षेत्रीय भाषा में साइकिल को ‘पैरगाड़ी’ भी कह देते हैं क्योंकि इसे पैरों से चलाया जाता है. तमाम लोग साइकिल के हिंदी शब्दों को नहीं जानते होंगे.

साइकिल के बारे में रोचक जानकारियां

  • ‌‌‌सबसे पहले साइकिल का आविष्कार 1817 ई के अंदर ड्रेजिन ने किया था. वह खुद एक सरकारी कर्मचारी था. उस समय साइकिल के सिर्फ दो पहिये हुआ करते थे और पैड़ल नहीं थे . इसे चलाने के लिए पैरों से धक्का मारना होता था.

  • ‌‌‌यदि सबसे अधिक साइकिलों की बात करें तो यह चाइना के अंदर हैं. चाइना मे 50 करोड़ से अधिक साइकिले हैं. और यहां के लोग साइकिलों को चलाते भी हैं.

  • ‌‌‌साइकिल चलाना काफी मजेदार होता है. एक कार की तुलना मे साइकिल का मेंटेनेंस करना बहुत ही आसान होता है. यह लगभग 30 गुना तक सस्ता होता है.

  • ‌‌‌जापान एक ऐसा देश है जहां पर साइकिल के लिए अलग से स्पेसल प्रकार का पार्किंग सिस्टम लगा हुआ है और लोगों को यह अच्छा खासा पसंद भी आता है.

  • एक साइकिल को पार्क करना बहुत ही आसान होता है. आप उसे कहीं पर भी आसानी से पार्क कर सकते हो और ट्रेफिक पुलिस भी इस पर कुछ ज्यादा ध्यान नहीं देती है. जबकि एक बार को पार्क करने पर वह अकेली 20 साइकिलों की जगह आसानी से घेर लेती है.

  • ‌‌‌समाज सुधारक सुमान बी ने एक बार यह कहा था कि साइकिल के आविष्कार ने महिलाओं को मुक्ति दिलाने का काम भी किया है. उसने साइकिल को स्वतंत्रता की मशीन के नाम से संबोधित किया था.

  • ‌‌‌1900 ई के अंदर साइकिल की 6 दिन वाली रेस सबसे प्रिय थी.इसमे विजय वह होता था जो लगातार साइकिल पर चलता रहता था. हालांकि इस दौरान प्रतियोगियों को नींद भी काफी अधिक परेशान करती थी.

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  • आपको यह जानकर हैरानी होगी कि कई देशों के अंदर पक्की सड़के कारों की वजह से नहीं वरन साइकिल की वजह से बनी थी.

  • हंस और मारग्रेट रे सन 1940 ई के अंदर साइकिल की मदद से पेरिस भाग गए थे . यह लोग भागते वक्त अपने साथ एक पांडुलिपी लेकर गए थे . जिसको बाद मे उन्होंने न्यूर्याक के अंदर प्रकाशित ‌‌‌करवाया था.

  • मैकिनक द्वीप पर M-185 अमेरिका मे एक मात्र ऐसा मार्ग है जहां पर कार या बाइक को जाने की अनुमती नहीं है. यहां बस साइकिल या पैदल जाया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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