कोलकाता (आनंद सिंह) : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ हुंकार भरी है. उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के कृषि बिल व श्रमिक बिल के खिलाफ सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील की है. 22 से 24 सितंबर तक तृणमूल के आंदोलन की भी उन्होंने घोषणा की.
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो एवं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता ने युवाओं व छात्रों से भी अनुरोध किया कि इसके खिलाफ वह मुखर हों. राज्य सचिवालय नबान्न में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि रविवार को राज्यसभा में पास किया गया कृषि बिल लोकतंत्र के खिलाफ था. यह दिन ब्लैक संडे (काला रविवार) के नाम से याद किया जायेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा संविधान या इतिहास की परवाह नहीं करती. न ही संघीय ढांचे में उसका विश्वास है. राज्यसभा में विपक्ष ने वोट डिवीजन की मांग की थी. भाजपा के सदस्यों की संख्या कम होने की वजह से इसकी इजाजत नहीं दी गयी. यह संविधान के खिलाफ है.
उन्होंने कहा कि नियमानुसार यह मांग करने पर इसकी इजाजत दी जानी चाहिए थी. केंद्र सरकार कृषकों के अधिकार छीनने के साथ-साथ राज्य सरकारों के अधिकार भी छीन रही है. पहले महंगाई होने पर राज्य सरकार नियंत्रण करती थी. अब उसे इससे वंचित किया जा रहा है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि प्याज और कई अन्य जरूरी सामग्रियों को अत्यावश्यक सामग्रियों की सूची से बाहर कर दिया गया है. यह किसके स्वार्थ के लिए किया जा रहा है? केंद्र सरकार, काला बाजारियों की सरकार बन रही है.
उन्होंने कहा कि कृषकों को संकट में डालकर कृषि बिल पास किया गया. अब श्रमिकों के अधिकार को छीनते हुए श्रमिक बिल लाया जा रहा है. इसके खिलाफ भी वह सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने का आह्वान करती हैं. साथ ही छात्रों व युवाओं को भी आगे आना चाहिए.
ममता बनर्जी ने कहा कि आने वाले समय में खाद्य महामारी आने वाली है. इसके लिए केंद्र सरकार ही जिम्मेदार है. कोरोना के काल में उसने ‘मरोना’ बिल लाया. ममता बनर्जी ने कहा कि संसद में विपक्ष के आचरण के खिलाफ भाजपा निंदा प्रस्ताव ला रही है. इससे विपक्ष को कोई फर्क नहीं पड़ता. आज देश में भाजपा की निंदा हो रही है.
बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने इसके खिलाफ लगातार आंदोलन करने का फैसला किया है. कम संख्या में लोगों को लेकर चंद्रिमा भट्टाचार्य के नेतृत्व में मंगलवार (22 सितंबर, 2020) को गांधी मूर्ति के सामने तृणमूल महिला कांग्रेस का धरना होगा. बुधवार (23 सितंबर) को छात्र आंदोलन करेंगे और गुरुवार (24 सितंबर) को श्रमिक, आंदोलन में हिस्सा लेंगे.
Posted By : Mithilesh Jha
