पश्चिम बंगाल : संदेशखाली की 7 ग्राम पंचायतों में 19 तक निषेधाज्ञा, भाजपा अध्यक्ष के होटल की सुरक्षा कड़ी

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में हुई हिंसा के बाद 7 ग्राम पंचायतों के 19 गांवों में निषेधाज्ञा लगा दी गई है. बारासात रेंज के डीआईजी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है.

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में हुई हिंसा के बाद 7 ग्राम पंचायतों के 19 गांवों में निषेधाज्ञा लगा दी गई है. 13 फरवरी को लगाई गई निषेधाज्ञा को 19 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के होटल के आसपास की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

इन सात पंचायतों में लगी निषेधाज्ञा

पुलिस ने बताया है कि संदेशखाली, दुर्गा मंडप, कोराकाटी, मणिपुर, खुलना, बेरमाजुर और जेलियाखाली ग्राम पंचायतों में निषेधाज्ञा लगाई गई है. संदेशखाली पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज ने बताया कि संदेशखाली ग्राम पंचायत के पांच गांवों- त्रिमोनी बाजार, खुलना घाट, भोलाखाली घाट, संदेशखाली घाट और पतरापाड़ा में धारा 144 लगा दी गई है.

दुर्गापुर मंडप और मणिपुर ग्राम पंचायत में भी धारा 144

वहीं दुर्गापुर मंडप ग्राम पंचायत के तीन गांवों- गबेरिया मार्केट, दाउदपुर और डुगरीपाड़ा में निषेधाज्ञा लगाई गई है. कोराकाटी ग्राम पंचायत के धुचनीखाली बाजार में और मणिपुर ग्राम पंचायत के गोपालेर घाट में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लगाई गई है.

Also Read: पश्चिम बंगाल : शुभेंदु अधिकारी समेत अन्य भाजपा विधायकों को पुलिस ने संदेशखाली जाने से रोका

19 फरवरी तक के लिए लगाई गई धारा 144

थाना प्रभारी ने बताया कि खुलना ग्राम पंचायत के सितुलिया बाजार, खुलना बाजार और हातगाछा बाजार में निषेधाज्ञा लगाई गई है, जबकि बेरमाजुर में धामाकाली घाट, अतापुर और पुलेपाड़ा एवं जेलियाखाली ग्राम पंचायत में अजिजेर, पिपरखाली घाट और हल्दरपाड़ा में धारा 144 लगाई गई है. इन क्षेत्रों के 500 मीटर के दायरे में 19 फरवरी तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी.

बारासात के डीआईजी बोले- स्थिति नियंत्रण में

संदेशखाली में हुई हिंसा पर बारासात रेंज के डीआईजी सुमित कुमार ने कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है. 19 जगहों पर धारा 144 लगा दी गई है. संदेशखाली के लोग पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं, ताकि स्थिति सामान्य हो सके. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि जल्द से जल्द इलाके में शांति बहाल हो. इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है.

Also Read: पश्चिम बंगाल :संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं ने शेख शाहजहां की गिरफ्तारी की रखी मांगा, जानें क्या कहा राज्यपाल ने

कल संदेशखाली जाएंगे एससी आयोग के अध्यक्ष

इधर, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन अरुण हल्दर ने 15 फरवरी को उत्तर 24 परगना के हिंसाग्रस्त क्षेत्र संदेशखाली का दौरा करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा है कि उनके साथ एक डेलिगेशन भी संदेशखाली जाएगा.

भाजपा अध्यक्ष के होटल की सुरक्षा बढ़ी

तृणमूल कांग्रेस के नेता शेख शाहजहां की गिरफ्तारी की मांग पर संदेशखाली में कई दिनों से जारी हिंसा के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का आंदोलन भी जारी है. पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजुमदार इसी जिले में एक होटल में ठहरे हैं. उस होटल की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. होटल के गेट के बाहर पुलिस के वाहन खड़े कर दिए गए हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >