जीबीयू: छात्रों और गार्ड भिड़ंत मामले में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी

गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में सुरक्षा गार्ड के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस हिरासत में लिए गए छात्रों को छोड़ने की मांग को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया. रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी छात्रों पर दर्ज एफआईआर को गंभीरता से लेते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है.

Noida : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी (GBU) के मुंशी प्रेमचंद हॉस्टल में मामूली कहासुनी के बाद सिक्यॉरिटी गार्ड और एमबीबीएस के छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई थी. गंभीर रूप से घायल 12 छात्रों में से दो आईसीयू में भर्ती हैं. छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के 30 से अधिक सिक्यॉरिटी गार्ड्स ने हॉस्टल के अंदर घुसकर बेरहमी से पीटा. इस पिटाई में 15 छात्र घायल हुए हैं, जिसमें से दो आईसीयू में एडमिट है.

इस दौरान डर के चलते कई छात्र हॉस्टल के फर्स्ट और सेकंड फ्लोर की बालकनी से नीचे कूद गए, जिससे उनके पैर में फैक्चर और रीड की हड्डी में चोट आई है. दूसरी ओर सिक्यॉरिटी गार्डों ने हॉस्टल के अंदर छात्रों के बाइक और वॉर्डन की कार में तोड़फोड़ कर दी. यह तोड़फोड़ की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है. इसका विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पुलिस ने दोनों पक्षों के 33 लोगों को हिरासत में लेकर 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है.

रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड पर कार्रवाई और पुलिस हिरासत में लिए छात्रों को छोड़ने की मांग को लेकर सोमवर सुबह राजकीय आयुर्वेदिक संस्थान के गेट पर छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया. साथ ही, छात्रों ने यूनिवर्सिटी के अंदर हॉस्टल को अस्पताल कैंपस में शिफ्ट करने की मांग की. वहीं उत्तर प्रदेश रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने छात्रों पर दर्ज एफआईआर को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से आरोपी सिक्यॉरिटी गार्डों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि अगर इस मामले संज्ञान में नहीं लेते हैं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन होगा.

फायरिंग से दहशत

छात्रों से मारपीट के दौरान सिक्यॉरिटी गार्ड्स ने राइफल से हवाई फायरिंग की. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. छात्रों का आरोप है कि फायरिंग से यूनिवर्सिटी परिसर में छात्र दहशत में हैं। वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. वहीं, जीबीयू कैंपस हुए विवाद को जिम्स प्रशासन की ओर से सोमवार को जानकारी दी गई. जिम्स प्रशासन ने जानकारी मिलते ही वार्डन डॉ. मानवेंद्र वैद्य को रात को ही मौके पर भेजा. इसी दौरान आरोपी सिक्यूरिटी गार्डों ने उनकी कार पर हमला कर दिया. उसे क्षतिग्रस्त किया. जिम्स प्रशासन का कहना है कि 22 छात्रों को चोट आई है. 4 गंभीर हैं.

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जीबीयू के सिक्योरिटी गार्डों का आरोप है कि देर रात यूनिवर्सिटी के अंदर घूमने और सिगरेट पीने का विरोध करने पर छात्रों ने मारपीट शुरू की थी. घटना के बाद पुलिस किसी ने अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मामले को शांत कराया. वही ईकोटेक फर्स्ट थाना प्रभारी सरिता मलिक ने बताया कि मारपीट की सूचना पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची थी. दोनों पक्षों के 33 लोगों को हिरासत में लिया गया है. साथ ही, दोनों पक्षों के 80 लोगों के खिलाफ अज्ञात में केस दर्ज किया है. सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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Published by: Sandeep kumar

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