...जब बंगाल के पुराने भाजपाइयों के पास आया पीएम मोदी का फोन, कही ये बात

Narendra Modi : नरेंद्र मोदी भले ही प्रधानमंत्री के कुर्सी पर आसीन हों, लेकिन आज भी वह पुराने भाजपा कार्यकर्ताओं को भूले नहीं हैं. कोरोना की वैश्विक महामारी के बीच भी वह देश-विदेश में रह रहे लोगों की सुध ले रहे हैं.

Narendra Modi : नरेंद्र मोदी भले ही प्रधानमंत्री के कुर्सी पर आसीन हों, लेकिन आज भी वह पुराने भाजपा कार्यकर्ताओं को भूले नहीं हैं. कोरोना की वैश्विक महामारी के बीच भी वह देश-विदेश में रह रहे लोगों की सुध ले रहे हैं. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ने रविवार को बंगाल के भाजपाइयों को चौंका दिया. प्रधानमंत्री ने तीन बुजुर्ग भाजपा नेताओं से बात कर उनका हालचाल जाना. यह सब इतना अचानक हुआ कि अब भी इन तीनों भाजपाइयों को विश्वास नहीं हो रहा है कि उनका हाल स्वयं प्रधानमंत्री ने लिया है. पढ़ें नवीन कुमार राय की ये रिपोर्ट…

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सक्रिय राजनीति से उम्र के चलते दूर हो चले तीन वयोवृद्ध भाजपा नेताओं अनिंद्य गापोल मित्रा, रंजीत कर व एसएन लांबा के मोबाइल फोन पर रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आया और कहा गया कि प्रधानमंत्री आप से बात करना चाहते हैं. इन लोगों को पहले तो यकीन नहीं हुआ, पर जैसे ही आवाज सुनी, तो पुरानी यादें ताजा हो गयीं. प्रधानमंत्री ने इन नेताओं से इनकी व इनके परिवार की कुशल-क्षेम पूछी. साथ ही ‘सबको दो गज दूरी – है बहुत ही जरूरी’ का संदेश देते हुए कहा कि आप जैसों की बात लोग मानेंगे. इसलिए जहां तक संभव हो, लॉकडाउन मानें और अन्य माध्यमों से दूसरों को मानने के लिए प्रेरित करें.

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बाद में पूछने पर अनिंद्य गोपाल मित्रा ने कहा कि हमें यकीन नहीं हो रहा कि देश के प्रधानमंत्री को आज भी हम याद हैं. मोदी जी के साथ काम करने का पुराना अनुभव है. लक्ष्य के प्रति अडिग रहने और श्रमसाध्य होने के कारण वह आज इस मुकाम पर हैं. उधर, रंजीत कर ने भी पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि जब बंगाल में भाजपा का कोई नामलेवा नहीं था, मुट्ठीभर लोग तन-मन-धन से पार्टी के प्रति समर्पित थे. उस दौर में केंद्रीय या प्रदेश स्तर का नेता आता था, तो हम ठीक से उनका स्वागत भी नहीं कर पाते थे. नरेंद्र मोदी के साथ भी काम करने का मौका मिला है. अच्छा लगा कि मोदी जी ने देश के सर्वोच्च पद पर रहते हुए भी हमें याद किया.

आपको बता दें कि पीएम मोदी ने कोरोना को दूर रखने के लिए दो गज दूरी का संदेश दिया है.

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Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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