पाठ्य पुस्तकें ओडिया की, पढ़ाई होती है हिंदी में, सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा अलेक्जेंडर हिंदी स्कूल

बिरमित्रपुर तथा आसपास के बच्चे इसी विद्यालय में पढ़ते थे. लेकिन सरकारी उदासीनता तथा उपेक्षा के कारण यह स्कूल अब दयनीय हालत में पहुंच गया है. इस स्कूल के बाद बने स्कूल फाइव-टी कार्यक्रम में चकाचक हो रहे हैं.

ओडिशा के बिरमित्रपुर का एकमात्र हिंदी माध्यम स्कूल है अलेक्जेंडर हिंदी स्कूल. इसकी स्थापना 1939 में हुई थी. तब इस शहर में विद्यालयों की कमी थी. इस विद्यालय में हिंदी भाषा में पढ़ाई होती थी. बिरमित्रपुर तथा आसपास के बच्चे इसी विद्यालय में पढ़ते थे. लेकिन सरकारी उदासीनता तथा उपेक्षा के कारण यह स्कूल अब दयनीय हालत में पहुंच गया है. इस स्कूल के बाद बने स्कूल फाइव-टी कार्यक्रम में चकाचक हो रहे हैं. लेकिन इस स्कूल की हालत सुधारने के प्रति ध्यान नहीं दिया जा रहा है. यहां बच्चों की संख्या सिमटकर 42 हो गयी है. इस स्कूल में एक से आठ कक्षा तक पढ़ाई होती है. लेकिन श्रेणी भवन तीन ही हैं. पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चे एक ही श्रेणी में पढ़ते हैं.

स्कूल में चार शिक्षक हैं. लेकिन गणित व विज्ञान शिक्षक डेपूटेशन पर अन्य स्कूलों में पढ़ा रहे हैं. विडंबना यह है कि यहां हिंदी में पढ़ाई होती है, जबकि पाठ्य पुस्तकें ओडिया भाषा में मिलती है. कुआरमुंडा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सदानंद प्रधान ने कहा कि इस स्कूल में बच्चे कम हैं. इसलिए स्कूल अपग्रेड नहीं हो पाया है. स्कूल का नया भवन बन रहा है. इससे क्लास रूम की असुविधा दूर हो जायेगी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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