‍Big Breaking: वंदे भारत एक्सप्रेस पर ओडिशा में हुआ वज्रपात! पुरी से कोलकाता जा रही थी ट्रेन

भारत की सबसे अत्याधुनिक ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस पर वज्रपात हो गया है. वंदे भारत पर वज्रपात उस वक्त हुआ, जब यह ट्रेन एक नदी को पार कर रही थी. ड्राइवर के केबिन और कई डिब्बों के शीशे टूट गये हैं. ट्रेन को जाजपुर क्योंझर स्टेशन के पास वैतरणी नदी के बीच में लोहा पुल पर रोक दिया गया है.

Lightning on Vande Bharat Express: भारत की सबसे अत्याधुनिक ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस पर वज्रपात हो गया है. वंदे भारत पर वज्रपात उस वक्त हुआ, जब यह ट्रेन एक नदी को पार कर रही थी. ड्राइवर के केबिन और कई डिब्बों के शीशे टूट गये हैं. ट्रेन को जाजपुर क्योंझर स्टेशन के पास वैतरणी नदी के बीच में लोहा पुल पर रोक दिया गया है. ट्रेन में सवार यात्री बेहद परेशान हैं. यात्री परेशान हैं, क्योंकि ट्रेन की बिजली भी चली गयी है.

वैतरणी नदी पार करते समय हुआ वज्रपात

बताया गया है कि ट्रेन भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी से मां काली की नगरी कोलकाता (हावड़ा) जा रही थी. इसी दौरान जाजपुर स्टेशन के पास वैतरणी नदी पार करते समय वज्रपात हो गया. वज्रपात की वजह से ड्राइवर के केबिन के अलावा कुछ यात्री डिब्बों के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गये हैं. वज्रपात के बाद ट्रेन को नदी के बीच में पुल पर रोक दिया गया है.

वंदे भारत ट्रेन की बिजली हो गयी गुल

हालांकि, रेलवे का कहना है कि ट्रेन पर वज्रपात नहीं हुआ है. आंधी-तूफान और वर्षा की वजह से ट्रेन के कुछ कांच टूट गये हैं. इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि भीषण आंधी-तूफान के साथ बारिश हो रही थी और इसी दौरान वज्रपात हुआ, जिसकी वजह से पूरी तरह से इलेक्ट्रिक पर चलने वाली ट्रेन की बिजली व्यवस्था चरमरा गयी.

अंधड़ के साथ शुरू हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि

बांग्ला वेबसाइट द वॉल को एक यात्री ने बताया कि पुरी से ट्रेन सही समय पर खुली थी. दोपहर का खाना भी लोगों को दिया गया था. तब मौसम खराब ही था. लेकिन, कुछ ही देर बाद अंधड़ के साथ तेज बारिश शुरू हो गयी. ओलावृष्टि भी शुरू हो गयी. तब तक कुछ यात्री ट्रेन में सो चुके थे.

तेज आवाज के साथ बिजली गुल होने से सहम गये यात्री

अचानक से तेज आवाज हुई और सभी यात्री सहम गये. देखा धीरे-धीरे ट्रेन रुक गयी. जाजपुर-क्योंझर रोड स्टेशन से पहले वैतरणी नदी पर बने पुल पर लगभग बीच नदी में ट्रेन खड़ी हो गयी. हालांकि, ट्रेन का अगला हिस्सा नदी को पार कर चुका था. इस एयर कंडीशंड ट्रेन का एसी बंद हो गया है.

यात्रियों को तत्काल मदद उपलब्ध कराया गया

एक अन्य यात्री ने मीडिया के लिए एक वीडियो जारी किया है. इसमें दिख रहा है कि ट्रेन में अंधेरा छाया हुआ है. सिर्फ इमरजेंसी लाइट जल रही है. ट्रेन के कांच भले टूटे हैं, लेकिन किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ है. ट्रेन की बिजली जैसे ही गयी, लोग आतंकित हो गये. हालांकि, बाद में गेट को खोल दिया गया. रेलवे की ओर से तत्काल लोगों की सहायता की गयी.

इंजीनियर और सहायता दल को भेजा गया

दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी आदित्य चौधरी ने संवाददाताओं को बताया कि मामले की जांच की जा रही है. इस बीच मदद के लिए रेस्क्यू टीम को भेज दिया गया है. उनके साथ इंजीनियरों को भी भेजा गया है. जल्द ही ट्रेन की व्यवस्था दुरुस्त करके वंदे भारत एक्सप्रेस को कोलकाता (हावड़ा) के लिए रवाना कर दिया जायेगा.

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लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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