10 जनवरी को पारसनाथ में जुटेंगे देश भर के आदिवासी,
झारखंड बचाओ मोर्चा के संयोजक सह इंटरनेशनल संताल काउंसिल के कार्यकारी अध्यक्ष नरेश मुर्मू ने कहा है कि पारसनाथ मामले में राज्य और केंद्र सरकार, दोनों के निर्णय गलत हैं. पारसनाथ आदिवासियों का मरांग बुरू है और वहां के जाहेरथान में लोग सदियों से पूजा-अर्चना करते आये हैं. यह संताल समुदाय का सबसे पुराना पूजा स्थल है. इसलिए केंद्र व राज्य सकार को आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को नजर में रखते हुए विचार करना चाहिए.
वे पुराने विधानसभा सभागार में पत्रकारों से बात कर रहे थे. झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए कहा कि अपनी धरोहर को बचाने के लिए आदिवासी आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं. 10 जनवरी को पारसनाथ में पूरे देश पर के आदिवासी जुटेंगे और बड़ी सभा की जायेगी. मोर्चा ने केंद्र व राज्य सरकार को 25 जनवरी तक अल्टीमेटम दिया है.