Ladakh Tourists के लिए गुड न्यूज, जानें क्या है यहां खास, कैसे पहुंचे इस स्पॉट पर

Ladakh Tourists Sports: टूरिज्म डिपार्टमेंट ऑफ लद्दाख ने विदेशी टूरिस्ट को बढ़ावा देने के लिए लद्दाख के ‘हानले विलेज’ के दरवाजे खोल दिए हैं, यानी अब विदेशी टूरिस्ट यहां के सुंदर वातावरण का लुत्फ उठा सकते हैं. जानें क्या है यहां खास

Ladakh Tourists Sports: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में “विश्व पर्यटन दिवस” के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसके लिए लेह पैलेस को शानदार तरीके से सजाया गया था. इसी के साथ टूरिज्म डिपार्टमेंट ऑफ लद्दाख ने विदेशी टूरिस्ट को बढ़ावा देने के लिए लद्दाख के ‘हानले विलेज’ के दरवाजे खोल दिए हैं, यानी अब विदेशी टूरिस्ट यहां के सुंदर वातावरण का लुत्फ उठा सकते हैं. जानें क्या है यहां खास

लेह से 255 किमी. दूर है हानले गाँव. ये गाँव बहुत बड़ा नहीं है, इस गाँव में मुश्किल से 300 घर हैं. अगर आप लद्दाख आते हैं तो आपको इस छिपे और खूबसूरत जगह पर कुछ दिन जरूर बिताने चाहिए.

क्या देखें?

हानले को देखने से पहले हर किसी के मन में ये सवाल होता है लेकिन जब हानले पहुँचता है ये सवाल उसके दिमाग से छूमंतर हो जाता है. ये जगह हर किसी को अपना दीवाना बना लेती है. फिर भी हानले में कुछ जगहें हैं जिनको देखा जा सकता है.

1- हानले मोनेस्ट्री

हानले में 17वीं शताब्दी की एक तिब्ब्ती मोनेस्ट्री है. जो एक पहाड़ी पर स्थित है. इस गोंपा को लद्दाखी राजा सेन्ग्गे ने बनवाया था. सेन्ग्गे को द लाॅयन किंग भी कहा जाता है. लद्दाखी राजा हानले में ही मरा. फिलहाल इस मोनेस्टी में एक दर्जन बौद्ध भिक्षु रहते हैं. इस जगह से बेहद खूबसूरत नजारा दिखाई देता है. ठंडी और हल्की हवाओं का स्पर्श आपको खुश कर देगा. आप हानले आएँ तो 17वीं शताब्दी की इस मोनेस्ट्री को जरूर देखें.

2- खगोलीय वैधशाला

हानले में एक भारतीय खगोलीय वैधशाला भी है. ये वैधशाला दुनिया की सबसे ऊँचाई पर स्थित है. जिस वजह से इसकी अहमियत और ज्यादा बढ़ गई है. 2001 में इस वैधशाला को हानले में बनाई गया था और इसको बैंगलोर में स्थित ताराभौतिकी इंस्टीट्यूट ऑपरेट करती हैै. 14,800 फीट की ऊँचाई पर स्थित इस जगह पर टेलीस्कोप से आसमान के तारों को देखना एक शानदार अनुभव है. पहले वैधशाला के अंदर टूरिस्ट आ सकते थे लेकिन अब टूरिस्ट दूर से ही इस वैधशाला को देख सकते हैं.

3- फोटी ला

हानले से 24 किमी. दूर एक दर्रा है, फोटी लॉ. जहाँ बहुत कम लोग पहुँच पाते हैं. यहां से हानले वैली का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है. फोटी ला, भारत और तिब्बत के बाॅर्डर से बहुत पास है. ये जगह समुद्र तल से 5,524 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है. अगर आप हानले आते हैं तो इस कम एक्सप्लोर की जगह पर आपको जरूर जाना चाहिए.

4- उमलिंग ला

हानले में एक और खूबसूरत जगह है उमलिंग ला. उमलिंग, फोटी लाॅ को पार करने के बाद पड़ता है. उमलिंग ला में दुनिया की सबसे ऊँची मोटरेबल वाली रोड है. इस जगह के बारे में लोगों को 2017 में पता चला. यहां से बाॅर्डर बहुत पास है. यहां से हानले की खूबसूरती कुछ अलग ही दिखाई देती है. हानले आएँ तो इस जगह पर जरूर जाएँ.

क्या करें?

1- हानले की रात

हानले की रात आपके लिए सबसे खूबसूरत और यादगार रात हो सकती है. रात में आप जब आसमान की ओर देखेंगे तो आपको पूरा आसमान असंख्य तारों से भरा हुआ मिलेगा. जगमगाते तारों के बीच रात गुजारना आपके लिए शानदार अनुभव होगा. आप इस नजारे को देखकर खुद को कैमरे पकड़ने से रोक नहीं पाएँगे. ऐसा नजारा रोज-रोज तो नहीं मिलता न. ऐसे नजारे को देखकर आपका मन खुश हो जाएगा. यकीन मानिए जब आप यहां आओगे तो आपकाे इस जगह पर आना सफल लगेगा.

2- शांति और सुकून

हम घूमने सिर्फ इसलिए नहीं जाते कि कोई नहीं जगह देख आते हैं. नई जगह तो शोर-शराबे वाले शहर भी होते हैं. हम इस जगह पर आते हैं ताकि हम कुछ वक्त के लिए शोर से दूर शांत जगह पर रह सकें. अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो हानले आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है. हानले 300 घरों का एक गाँव है. इसके अलावा यहां टूरिस्ट भी बहुत ज्यादा नहीं दिखाई देते हैं. आप इस जगह पर आराम से शांति और सुकून महसूस कर सकेंगे.

3- खूबसूरत नजारे

हानले में चारों तरफ पहाड़ ही पहाड़ हैं जो किसी का भी मन मोह लेंगे लेकिन ये पहाड़ कुछ अलग हैं. ये पहाड़ उत्तराखंड और हिमाचल जैसे नहीं हैं. लद्दाख के पहाड़ों में आपको हरियाली नहीं मिलेंगे. यहां के पहाड़ बंजर हैं. इनको देखकर लगता है कि ये रेत के ऊँचे-ऊँचे टीले हैं लेकिन यकीन मानिए ये बंजर आपको बेहद खूबसूरत लगेंगे. जब इन नजारों के बीच ठंडी हवा का स्पर्श होगा तो आप खुश हो उठेंगे.

कहां ठहरें?

हानले गांव में ठहरने के लिए एक भी होटल नहीं हैं. फिर भी यहां कुछ गेस्ट हाउस और होमस्टे हैं. आप यहां के लोगों के घर में रह सकते हैं. तब आपको पता चलेगा कि ये जगह ही नहीं, यहां के लोग भी बेहद प्यारे हैं. यहां के लोग आपका अच्छे-से स्वागत करते हैं. आप उनसे इस जगह के बारे में बात कर सकते हैं. आप उनकी लाइफ और दिनचर्या के बारे में जान सकते हैं।

कैसे जाएं?

लेह से हानले जाने के लिए दो रास्ते हैं. पहला तो आप लोकल बस से जा सकते हैं. दूसरा शेयर टैक्सी से भी पहुँचा जा सकते हैं. इसके अलावा अगर आप अपनी गाड़ी से जा रहे हैं तो चांगथांग वैली के रूट से हानले पहुँच सकते हैं.

बस से

अगर आप बस से हानले जाना चाहते हैं तो उसके लिए परफेक्ट प्लानिंग होनी चाहिए. लेह से हानले के लिए बहुत कम बस हैं. पूरे हफ्ते में एक ही दिन बस हानले जाती है. हर शनिवार को सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर लेह से हानले के लिए बस निकलती है. जिसका किराया 500 रुपए होता है. ये बस क्योमा और लोमा चेक पोस्ट से होते हुए हानले पहुँचती है. अगर आपको बस से हानले जाना है तो किसी भी हालत में शुक्रवार को लेह पहुँच जाना चाहिए. इसके अलावा हर बुधवार को सुबह 9 बजे लोमा तक बस जाती है. लोमा से हानले सिर्फ 50 किमी. की दूरी पर है.

टैक्सी से

बस के अलावा आप हानले शेयर टैक्सी से जा सकते हैं. लेह में हानले के लिए शेयर टैक्सी को खोजना भी कठिन काम है. हानले के लिए टैक्सी लोकल बस स्टैंड पर मिल जाएगी. ये टैक्सी लोगों को ग्रुप में हानले ले जाती हैं और अगले दिन हानले से वापस आती हैं.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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