Meerut News: मेरठ के परतापुर थानाक्षेत्र के काशी टोल प्लाजा पर शुक्रवार सुबह कई किसान इकट्ठा हो गए. उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए रास्ता जाम कर दिया. यही नहीं उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे आगामी विधानसभा चुनाव में वोट नहीं देंगे.
यह है मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह परतापुर थानाक्षेत्र के काशी टोल प्लाजा पर इकट्ठा होने लगे. इन हंगामा करते हुए किसानों में काशी, अच्छरौंदा, बहादरपुर, सोलाना सहित आधा दर्जन गांव के लोग शामिल थे. इस बीच उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि एनएचआई अधिकारी अरविंद कुमार ने खेतों पर जाने के लिए किसानों को हाईवे के नजदीक से सर्विस रोड देकर उस पर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने का वादा किया था. मगर चार साल बीत जाने के बाद भी उन्होंने सर्विस रोड पर न तो नाली बनवाई और न ही इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने का काम करवाया.
भाकियू के बैनर तले देंगे धरना
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि इस कारण दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे से बारिश का पानी सर्विस रोड पर पहुंच जाता है. इससे वहां कीचड़ हो जाता है. यही नहीं टोल प्लाजा के पास टॉयलेट का पानी भी एनएचआई अधिकारियों ने किसानों के रास्ते पर खोल दिया है. इस कारण वहां हर वक्त जलभराव रहता है. किसानों को वहां से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है. गन्ने की फसल को लाने व ले जाने के लिए किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. किसानों ने साफ कहा कि अगर सोमवार तक इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का काम शुरू नहीं किया गया तो वे भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले काशी टोल प्लाजा पर अनिश्चित काल के लिए धरना-प्रदर्शन करेंगे और 2022 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे.
नितिन गडकरी का लाएंगे पुतला
उन्होंने यह भी कहा कि अगर तब भी बात नहीं बनी तो जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी का भी पुतला लेकर धरने पर बैठेंगे. हंगामे को बढ़ता देख एनएचआई मेंटेनेंस अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया. अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि 24 घंटे में उनकी सर्विस रोड पर मेंटेनेंस का काम शुरू कर दिया जाएगा और पानी की निकासी का कोई न कोई रास्ता निकाला जाएगा.
रिपोर्ट : रवि गुप्ता
