कांथी नगरपालिका चुनाव: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग

बंगाल निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दायर की है, जिसमें कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गयी है. मामला कोंटाई (कांथी) नगरपालिका चुनाव में बूथ कैप्चरिंग और रिगिंग से जुड़ा है.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिला स्थित कांथी नगरपालिका (Contai Municipal Corporation) के चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत की जांच के आदेश के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है. पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से आग्रह किया है कि वह कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) के निर्देश को रद्द करे, जिसमें कहा गया है कि वोटिंग के दौरान बूथ के सीसीटीवी फुटेज की जांच सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी से करायी जाये.

कांथी नगरपालिका चुनाव में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने की वजह से कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार (2 मई 2022) को होने वाली सुनवाई टाल दी. साथ ही कहा कि अगली सुनवाई अब 14 जून को होगी. बता दें कि बंगाल निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दायर की है, जिसमें कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गयी है. मामला कोंटाई (कांथी) नगरपालिका चुनाव में बूथ कैप्चरिंग और रिगिंग से जुड़ा है.

सौमेंदु अधिकारी ने दायर की थी जनहित याचिका

पश्चिम बंगाल विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी के भाई सौमेंदु अधिकारी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका पिछले दिनों दायर की थी. सौमेंदु ने आरोप लगाया था कि कांथी नगरपालिका चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई. बूथ कैप्चरिंग से लेकर रिगिंग तक की उन्होंने शिकायत की है. सौमेंदु की याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि कोंटाई में हुए चुनाव के सीसीटीवी फुटेज की जांच दिल्ली स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब से करायी जाये.

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कलकत्ता हाईकोकर्ट ने सुनवाई 14 जून तक टाली

कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी फुटेज की जांच करेगा और बतायेगा कि चुनाव में फर्जीवाड़ा, रिगिंग, बूथ कैप्चरिंग हुई या नहीं. कोर्ट ने सीएफएसएल को 6 सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा था. निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दी है. फलस्वरूप कलकत्ता हाईकोर्ट ने आज इस मामले की सुनवाई नहीं की. कोर्ट ने कहा कि चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 14 जून तक टाल दी.

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