झारखंड में रफ्तार का कहर: कार ने आठ को रौंदा, चार की मौत, जैप जवानों पर फूटा भीड़ का गुस्सा

टाटा-रांची मार्ग (एनएच 33) पर सरायकेला-खरसावां जिले (चौका थाना क्षेत्र) में सड़क हादसे में चार लोगों की जान चली गयी. मृतकों में एक किशोर और तीन महिलाएं शामिल हैं. घटना गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे की है. हादसा झाबरी गांव के पास हुआ. यहां तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने सड़क किनारे खड़ीं आठ महिलाओं को रौंद दिया. चार की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. चार गंभीर रूप से घायल हैं.

चांडिल/जमशेदपुर: टाटा-रांची मार्ग (एनएच 33) पर सरायकेला-खरसावां जिले (चौका थाना क्षेत्र) में सड़क हादसे में चार लोगों की जान चली गयी. मृतकों में एक किशोर और तीन महिलाएं शामिल हैं. घटना गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे की है. हादसा झाबरी गांव के पास हुआ. यहां तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने सड़क किनारे खड़ीं आठ महिलाओं को रौंद दिया. चार की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. चार गंभीर रूप से घायल हैं.

मृतकों में रवि महतो (11), उसकी मां चांदमनी महतो, चांदमनी की बहन सूरजमनी महतो व सुरजमनी की सास (नीमडीह, पारगामा) की मौके पर ही मौत हो गयी. घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया है. मृतक और घायलों में कुछ झाबरी, तो कुछ दूसरे गांव के हैं. कार रांची की ओर से जमशेदपुर आ रही थी. घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने टाटा–रांची मार्ग को दोपहर करीब 2 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक जाम कर दिया. जाम की वजह से करीब दो किमी तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही. हादसे के बाद लाठी-ठंडे से लैस ग्रामीणों ने कार सवार महिला व चालक को कब्जे में लेने की कोशिश की. मौके पर पहुंचे जैप जवानों ने दोनों की जान बचायी. पुलिस व प्रशासन के काफी समझाने के बाद जाम हटाया.

चौका में कार से जख्मी लोग पहुंचे टीएमएच

कार की चपेट में आने से घायल हुए लोगों को पुलिस ने पहले स्थानीय अस्पताल में प्राथमिकी उपचार कराया. इसके बाद चारों घायलों को टीएमएच रेफर कर दिया गया. टीएमएच में भर्ती होने वाले घायलों में चौका के झाबरी गांव के गुंडी महतो (60), परीक्षित महतो (14), नीमडीह परगना की उर्मिला महतो (55), गणेश महताे (11) शामिल हैं. सभी घायलों को चोट लगी है. परीक्षित महतो की स्थिति नाजुक बतायी जा रही है.

पुलिस-प्रशासन की ओर से मुआवजे के भरोसे के बाद एनएच से हटा जाम

माहौल बिगड़ते देख चौका थाना प्रभारी सत्यवीर सिंह घटनास्थल पर पहुंचे. आक्रोशित ग्रामीणों को देखते हुए चौका थाना प्रभारी ने इसकी सूचना चांडिल के एसडीपीओ धीरेंद्र नारायण बंका, एसडीओ डाॅ विनय मिश्रा, बीडीओ प्रवेश साहू, सीओ प्रभात कुमार को दी. मौके पर पहुंचे एसडीओ ने ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया. लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे. बाद में समाजसेवी हिकीम महतो के समझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए. प्रशासन ने मुअावजा दिलाने का आश्वासन दिया. इसके बाद लोगों ने शव को उठाने दिया. पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. शव उठाने के बाद एनएच पर जाम समाप्त हुआ. ग्रामीण अपने-अपने घर लौट गये.

ग्रामीण जबरन बस में घुसने लगे, तो जवानों ने तान दी बंदूक, पीछे हटे लोग

आक्रोशित ग्रामीणों ने कार सवार को कब्जे में लेने की कोशिश की. इसी बीच रांची से जमशेदपुर आ रही जैप जवानों की बस मौके पर पहुंच गयी. जवानों ने कार चालक को बस में बैठा लिया. आक्रोशित ग्रामीणों ने जवानों की बस को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. ग्रामीणों ने लाठी-डंडा लेकर बस पर चढ़ने की कोशिश की तो जवानों ने ग्रामीणों को डराने की नियत से बंदूक तान दी.

परिजनों को छोड़ने आया था 11 साल का रवि, साइकिल पर बैग रख खड़ा था

झाबरी में बस स्टॉप पर बस के इंतजार में सभी महिलाएं खड़ी थीं. इसी दौरान रांची से जमशेदपुर आ रही तेज रफ्तार कार ने महिलाओं को रौंद दिया. चांदमनी महतो अपने बेटे रवि महतो के साथ अपनी बहन सूरजमनी महतो व उसकी सास को छोड़ने आयी थीं. सभी सड़क किनारे खड़ी थीं. रवि अपनी साइकिल में बैग लटका कर खड़ा था. इसी बीच कार ने अपनी चपेट में ले लिया.

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Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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