यास तूफान ने हर तरफ बरपाया कहर, कटिहार में हुई आफत की बारिश, 33 साल बाद फिर दिखा भयावह मंजर

गुरुवार से हुई बारिश ने लोगों को 1987 की बाढ़ एक बार फिर से याद दिला दी. ऐसा इसलिए कि बारिश से जो शहर के हालात बने. वह देखकर लोग इस बात कहने से भी नहीं रुक पाये कि 1987 में जो दृश्य कटिहार शहर की दिखाई दे रही थी. वह दृश्य आज फिर 33 साल बाद देखने को मिला है. लगातार हुई बारिश के कारण शहर के अधिकांश घरों में पानी घुस गया. शहर के प्रायः सभी दुकानों में पानी भर आया. शहर की कई मुख्य सड़क भी कमर भर पानी लबालब भरी रही.

गुरुवार से हुई बारिश ने लोगों को 1987 की बाढ़ एक बार फिर से याद दिला दी. ऐसा इसलिए कि बारिश से जो शहर के हालात बने. वह देखकर लोग इस बात कहने से भी नहीं रुक पाये कि 1987 में जो दृश्य कटिहार शहर की दिखाई दे रही थी. वह दृश्य आज फिर 33 साल बाद देखने को मिला है. लगातार हुई बारिश के कारण शहर के अधिकांश घरों में पानी घुस गया. शहर के प्रायः सभी दुकानों में पानी भर आया. शहर की कई मुख्य सड़क भी कमर भर पानी लबालब भरी रही.

बारिश से बनी हालत को देखकर कई बुजुर्गों ने 1987 में आई बाढ़ को याद करते हुए यह कहा कि 1987 में इस तरह की स्थिति शहर की बनी हुई थी. जहां हर सड़कों पर पानी घर में पानी सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा था. शहर के बीचों बीच कई ऐसे घर से जहां सुबह से ही घर से पानी निकासी को लेकर बाल्टी से घर के सदस्य पानी बाहर फेंक रहे थे. पानी था कि कम होने का नाम ही नहीं ले रहा था. बारिश रुकने के बाद कई लोगों ने अपने घर के बाहर बालू सीमेंट से ईट जोड़कर पानी रोकने का जुगाड़ भी लगाते नजर आये.

शहर के बूढ़े बुजुर्ग डोमन सिंह, नागेंद्र महतो, सोनकर झा आदि ने बताया कि इससे पहले भी काफी देर तक बारिश हुई है. लेकिन इस तरह के हालात कभी नहीं हुए हैं. 1987 में जब बाढ़ आई थी तब इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई थी. जहां सभी के घरों में पानी भर आया था. चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा था. वही स्थिति एक बार फिर आज देखने को मिली है. जहां सभी के घर में पानी घुस आया है. दुकान में पानी है और चारो तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है. सभी ने कहा कि 1987 में तो बाढ़ के कारण इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई थी. लेकिन अभी बारिश के कारण यह स्थिति पैदा हो गयी.

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मूसलाधार बारिश की वजह से शहरी क्षेत्र में जल जमाव से लोग परेशान है. लालकोठी, लडकनियां, सलामत नगर आदि कई मुहल्लों में स्थानीय लोगों के घरों में भी पानी घुस गया है. समाहरणालय, सदर अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय परिसर सहित अन्य कई सरकारी कार्यालय के परिसर में जल जमाव है. अधिकारी-कर्मचारी को भी दफ्तर आने में परेशानी झेलनी पड़ी है.

इस बीच कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक के अनुसार शुक्रवार को जिले में औसतन 201.53 एमएम बारिश हुई है. सबसे अधिक बारिश मनिहारी में हुयी है. जबकि इसके बाद सबसे अधिक बारिश प्राणपुर प्रखंड में हुयी है. मनिहारी क्षेत्र में सर्वाधिक 251.6 एमएम वर्षापात दर्ज की गयी है. जबकि प्राणपुर में 243.4 एमएम वर्षापात हुयी है. ऐसी भी संभावना जतायी जा रही है कि अगले कुछ दो-तीन तक मूसलाधार बारिश होगी.

कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक स्वीटी कुमारी ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है. अत्यधिक बारिश एवं वज्रपात होने की संभावना है. उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटे तक वज्रपात के साथ भारी बारिश की संभावना है. उन्होंने कहा कि मौसम विज्ञान केंद्र पटना की ओर से अलर्ट जारी किया गया है. आम लोग जरूरी हो तभी घर से निकले. सतर्क एवं जागरूक रहने की जरूरत है.

यास तूफान के बीच हुई मूसलाधार बारिश से कटिहार-सेमापुर को जोड़ने वाली हवाई अड्डे के निकट बनी सड़क पर रन कट होने से सड़क कट गयी. पानी के तेज बहाव के कारण सड़क पूरी तरह से कट गयी. जिसके कारण आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है. लाखों की आबादी इस सड़क से होकर ही आवागमन करती है. सड़क के कट जाने की वजह से लोग जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं.

गौरतलब हो कि बरारी, सेमापुर के लोगों का आवागमन का एकमात्र रास्ता यही है. कटिहार के भी लोगों का आवागमन इसी होकर होता है. इस सड़क के कट जाने से बड़ी आबादी को आवागमन की असुविधा हो रही है. हालत यह है कि बाइक भी जाने लायक रास्ता नहीं बची है. बारिश समाप्त होने के बाद भी नगर निगम प्रशासन की ओर से सड़क को दुरुस्त करने की दिशा में अब तक पहल नहीं की गई है. जिसके कारण जिला मुख्यालय आकर लोग किसी तरह की खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं. इस ओर लगातार ध्यान देने की जरूरत पर बल दिया जा रहा है.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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