कोलकाता : पश्चिम बंगाल में इन दिनों चारों ओर एक ही धुन पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता नाच रहे हैं. खेला होबे… खेला होबे… जब यह धुन बजता है, तो कार्यकर्ता झूम उठते हैं. दल कोई भी हो, मस्ती एक सी होती है. उत्तर 24 परगना के नैहाटी में तृणमूल कांग्रेस की ग्लैमरस नेता नुसरत जहां रूही के कार्यक्रम में भी टीएमसी समर्थक झूम उठे.
नैहाटी के स्वप्नो बीथी पार्क में तृणमूल की ओर से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसमें बशीरहाट की तृणमूल सांसद नुसरत जहां, नैहाटी के विधायक पार्थो भौमिक, नैहाटी नगरपालिका के पूर्व सीआईसी सनत दे समेत अन्य उपस्थित थे.
अभिनेत्री से नेता बनीं तृणमूल सांसद नुसरत जहां ने कहा कि लड़ाई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंत में जीत सच्चाई की ही होती है. नुसरत जहां पार्टी के समर्थकों में जोश भर रहीं थीं और तृणमूल कार्यकर्ता उत्साह के साथ नाच रहे थे. गा रहे थे – खेला होबे…, खेला होबे… इस दौरान खेला होबे की धुन पर डीजे बजता रहा.
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यहां बताना दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 की तारीखों के एलान से पहले ही एक नारे पर राजनीति गरमा गयी है. किसी ने कहा कि खेला होबे… तो किसी ने कहा कि खेला तो होये गेछे… तृणमूल नेता मदन मित्रा और भाजपा सांसद अर्जुन सिंह के ताजा बयान ने बंगाल की राजनीति में उबाल ला दिया है.
खेला होबे पर मदन मित्रा और अर्जुन सिंह के बीच वाकयुद्ध
मदन मित्रा ने अपना वीडियो शूट करके सोशल मीडिया पर वायरल किया और दावा किया कि इस बार भाटपाड़ा में खेला होगा. भाजपा एक भी सीट यहां नहीं जीत पायेगी. इस पर भाजपा सांसद ने कहा कि जिस खेल की बात मदन मित्रा कर रहे हैं, भाटपाड़ा की जनता वर्षों से वह खेल खेल रही है.
इस बार भी यहां की जनता खेलेगी और तृणमूल कांग्रेस को हराकर बंगाल की सत्ता से बेदखल कर देगी. ज्ञात हो कि पिछले कुछ दिनों से चारों ओर एक नारा गूंज रहा है. ‘खेला होबे… खेला होबे… एई माटी ते खेला होबे….’ सबसे पहले तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने इसकी शुरुआत की. बाद में भारतीय जनता पार्टी और अब वामदलों के कार्यकर्ता भी कहने लगे हैं- खेला होबे, खेला होबे… एई माटी ते खेला होबे…
खेला होबे, भयंकर खेला होबे…
दरअसल, ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के बीरभूम के जिला अध्यक्ष अणुव्रत मंडल ने सबसे पहले एक कार्यक्रम में सार्वजनिक रूप से कहा था- खेला होबे… भयंकर खेला होबे… एई माटी ते खेला होबे… इस पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा था – खेला तो होबे… किंतु खेलबो आमरा… ओरा बाईरे बोसे देखबे. अर्थात् खेल तो होगा. लेकिन खेलेंगे हमलोग. वे लोग मैदान के बाहर से हमें खेलते हुए देखेंगे.
Posted By : Mithilesh Jha
