बैटरी लाइफ घटा रही है वायरलेस चार्जिंग? जानिए सच्चाई

वायरलेस चार्जिंग आसान और आधुनिक है, लेकिन बैटरी पर असर को लेकर सवाल उठते हैं. जानिए असली खतरा कहां है, गर्मी क्यों बढ़ती है और बैटरी को सुरक्षित रखने के सही तरीके.

स्मार्टफोन की दुनिया में वायरलेस चार्जिंग अब किसी फैशन से कम नहीं रही. बस फोन को चार्जिंग पैड पर रखिए और बिना किसी तार के बैटरी चार्ज होने लगती है. यह सुविधा जितनी आसान और आधुनिक लगती है, उतनी ही चिंता भी लोगों के मन में रहती है- क्या यह बैटरी को धीरे-धीरे खराब कर रही है? आइए जानने की कोशिश करते हैं.

बैटरी सेफ्टी की बात: असली खतरा कहां है?

वायरलेस चार्जिंग इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एनर्जी ट्रांसफर से काम करती है. आधुनिक स्मार्टफोन में बैटरी प्रोटेक्शन चिप्स लगे होते हैं जो वोल्टेज, तापमान और चार्जिंग स्पीड को नियंत्रित करते हैं. इसका मतलब है कि सर्टिफाइड वायरलेस चार्जिंग से बैटरी को सीधा नुकसान नहीं होता.

समस्या तब आती है जब लोग सस्ते या नकली चार्जिंग पैड इस्तेमाल करते हैं. ऐसे चार्जर पावर को सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाते और बैटरी पर दबाव डालते हैं. इसलिए हमेशा ब्रांडेड या सर्टिफाइड चार्जर का इस्तेमाल करना ही सुरक्षित है.

गर्मी और बैटरी पर असर

वायरलेस चार्जिंग के दौरान हल्की गर्मी आना सामान्य है, क्योंकि कुछ एनर्जी ट्रांसफर में खो जाती है. लेकिन अगर फोन बहुत ज्यादा गर्म हो रहा है तो यह चेतावनी है.

गलत तरीके से फोन रखना, मोटा कवर लगाना या खराब क्वाॅलिटी का चार्जर इस्तेमाल करना गर्मी बढ़ा देता है. ज्यादा गर्मी बैटरी की उम्र कम कर सकती है. इसलिए चार्जिंग के दौरान फोन को सही तरीके से पैड पर रखें और जरूरत पड़ने पर कवर हटा दें.

स्पीड और परफॉर्मेंस पर भी पड़ता है असर?

वायरलेस चार्जिंग की सबसे बड़ी कमी है इसकी स्पीड. यह आमतौर पर वायर्डचार्जिंग से धीमी होती है. फास्ट चार्जिंग वाले वायर्ड चार्जर अब भी सबसे तेज और प्रभावी हैं.

अगर आप चार्जिंग के दौरान गेम खेलते हैं या वीडियो देखते हैं तो फोन और ज्यादा गर्म हो सकता है, जिससे बैटरी पर प्रेशर बढ़ता है. इसलिए वायरलेस चार्जिंग को सुविधा के लिए इस्तेमाल करें, न कि हर समय.

बैटरी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का क्या है सही तरीका?

वायरलेस चार्जिंग का सबसे अच्छा उपयोग है- डेस्क पर काम करते समय या रात में बेडसाइड पर. लेकिन इसे हर समय इस्तेमाल करना बैटरी के लिए सही नहीं.

सर्टिफाइड चार्जर चुनें, फोन को सही तरीके से पैड पर रखें और अगर गर्मी बढ़े तो मोटा कवर हटा दें. इन साधारण आदतों से आपकी बैटरी लंबे समय तक स्वस्थ रहेगी.

यह भी पढ़ें: मोबाइल सिग्नल नहीं मिल रहा? ये 5 आसान तरीके अपनाएं

यह भी पढ़ें: फोन की बैटरी लाइफ बढ़ाने के 6 पक्के उपाय

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >