फोटो खींचते ही कैमरे से क्यों आती है ‘क्लिक’ की आवाज? बड़े-बड़े फोटोग्राफर भी नहीं जानते इसका जवाब

आपने कभी न कभी जरूर नोटिस किया होगा कि जब आप फोटो खींचते हैं, तो एक क्लिक की आवाज आती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कैमरा आखिर ये आवाज करता ही क्यों है? इसकी वजह सिर्फ एक नहीं बल्कि कई हैं. आइए आपको एक-एक कर बताते हैं.

Camera Click Sound: कई बार अपने नोटिस किया होगा कि जब आप कोई फोटो खींचते हैं, तो कैमरे से आने वाली वो जानी-पहचानी ‘क्लिक’ की आवाज आती है. यह वही आवाज होती है जो आपको और सामने खड़े व्यक्ति को यह एहसास दिलाती है कि फोटो ली जा चुकी है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कैमरा आखिर ये आवाज करता ही क्यों है? इसकी वजह सिर्फ एक नहीं, बल्कि फिजिक्स, टेक्नोलॉजी और कुछ कानूनी नियमों से भी जुड़ी हुई है. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं.

शटर और मिरर की हरकत से आती है आवाज

पुराने जमाने के फिल्म कैमरों और शुरुआती डिजिटल कैमरों में फोटो लेते समय आने वाली क्लिक की आवाज (Click Sound) सच में होती थी. ये आवाज कैमरे के अंदर लगे मैकेनिकल पार्ट्स की वजह से आती थी. जैसे ही फोटो ली जाती थी, शटर खुलकर रोशनी को फिल्म या सेंसर तक पहुंचने देता था और फिर तुरंत बंद हो जाता था. शटर और मिरर की इसी हरकत से वो क्लिक वाली आवाज आती थी, जिसे लोग कैमरे से जोड़कर पहचानते हैं.

मॉडर्न कैमरों में भी आती है क्लिक की आवाज

आजकल कई कैमरे, खासकर स्मार्टफोन, बड़े मैकेनिकल पार्ट्स पर निर्भर नहीं रहते. ये इलेक्ट्रॉनिक शटर का इस्तेमाल करते हैं, जो बिना किसी फिजिकल मूवमेंट के डिजिटल तरीके से फोटो कैप्चर कर देता है. फिर भी, फोन में शटर की आवाज आती है. ये आवाज अक्सर असली नहीं होती, बल्कि सॉफ्टवेयर द्वारा डाली जाती है ताकि पुराने कैमरे जैसा एक्सपीरियंस महसूस हो.

स्मार्टफोन अब भी शटर साउंड क्यों करते हैं?

स्मार्टफोन में भी ये क्लिक साउंड सुनने को मिलता है. स्मार्टफोन में शटर साउंड देने के पीछे दो बड़ी वजहें हैं. पहली है यूजर फीडबैक. शटर साउंड यह बताता है कि फोटो क्लिक हो गई है, खासकर तब जब स्क्रीन पर ठीक से नहीं देखा जा सकता. दूसरी वजह है प्राइवेसी और सेफ्टी. जापान और साउथ कोरिया जैसे देशों में कानून के अनुसार, स्मार्टफोन को शटर साउंड करना जरूरी है ताकि लोग छुपकर तस्वीरें न लें सकें. इसलिए वहां बिकने वाले कई फोन में कैमरा साइलेंट मोड में भी म्यूट नहीं होता.

क्या कैमरे की आवाज बंद की जा सकती है?

ज्यादातर जगहों पर यूजर्स कैमरे की क्लिक आवाज (Click Sound) को साइलेंट मोड में डालकर या सेटिंग्स बदलकर बंद कर सकते हैं. लेकिन कुछ फोन, जिन्हें उन इलाकों के लिए बनाया गया है जहां प्राइवेसी कानून कड़े हैं, उनमें यह ऑप्शन नहीं होता. ये रेस्ट्रीक्शन फोन के सॉफ्टवेयर में ही डाली जाती है.

क्लिक आवाज का साइकोलॉजिकल साइड

एक्सपर्ट्स का कहना है कि कैमरे की क्लिक आवाज यूजर्स को संतुष्टि भी देती है. जैसे कीबोर्ड पर टाइप करने की आवाज से पता चलता है कि आपका काम हो रहा है, वैसे ही शटर की आवाज यूजर्स को ये भरोसा देती है कि उनकी फोटो क्लिक हो गई है.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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