Aadhaar Card Deactivation: आज के टाइम में आधार कार्ड कितना जरूरी डॉक्यूमेंट है ये हम सब जानते हैं. बैंक अकाउंट खोलने से लेकर पेंशन, सब्सिडी और मोबाइल कनेक्शन तक, हर जरूरी काम आधार से जुड़ा है. यही वजह है कि किसी व्यक्ति के निधन के बाद परिवार के लिए उसका आधार कार्ड डिएक्टिवेट करवाना भी जरूरी हो जाता है. हाल ही में आधार सिस्टम को सेफ और साफ रखने के लिए UIDAI अब तक 2.5 करोड़ से ज्यादा ऐसे आधार नंबर बंद कर चुका है, जो उन लोगों के थे जिनका निधन हो चुका है. इससे डेटा के गलत इस्तेमाल और फ्रॉड होने के खतरे को कम करने में मदद मिलती है.
आधार डिएक्टिवेशन क्यों जरूरी है?
अगर किसी इंसान के निधन के बाद भी उसका आधार एक्टिव रहता है, तो उसके गलत इस्तेमाल का खतरा बढ़ जाता है. कई बार कुछ लोग उस आधार का यूज करके पेंशन, सब्सिडी या दूसरी सरकारी सुविधाओं का गलत फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं. इसलिए समय पर आधार डिएक्टिव कराना जरूरी हो जाता है. ये इसलिए भी जरूरी है ताकि सरकारी फायदे सही लोगों तक पहुंचें और किसी तरह की धोखाधड़ी न हो.
मृत्यु के बाद आधार को कैसे डीएक्टिवेट करें?
अगर किसी इंसान की मौत के बाद उसका आधार कार्ड बंद (Deactivate) कराना हो, तो अब ये काम काफी आसान हो गया है. UIDAI ने इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है. इसे आप myAadhaar पोर्टल के जरिए कर सकते हैं. परिवार का कोई भी सदस्य ‘Reporting of Death of a Family Member’ फीचर का इस्तेमाल करके इसकी जानकारी दे सकते हैं.
इसके लिए रिपोर्ट करने वाले इंसान को अपनी पहचान वेरीफाई करनी होती है. उसके बाद गुजर चुके इंसान की कुछ बेसिक डिटेल जैसे आधार नंबर, डेथ रजिस्ट्रेशन नंबर, नाम और जन्म तारीख भरनी होती है. UIDAI जब इन डिटेल्स को चेक कर लेता है, तो आधार नंबर बंद कर दिया जाता है.
आधार को सेफ रखने के तरीके
अगर आधार फ्रॉड से बचना है, तो UIDAI ने कई मजबूत कदम उठाए हैं. अब आप अपनी बायोमेट्रिक डिटेल्स जैसे फिंगरप्रिंट और आईरिस को लॉक भी कर सकते हैं. साथ ही फेस ऑथेंटिकेशन और लिवनेस डिटेक्शन जैसे फीचर्स भी जोड़े गए हैं. इससे नकली या डुप्लीकेट पहचान बनाना मुश्किल हो जाता है. सबसे जरूरी बात ये है कि UIDAI आपकी असली बायोमेट्रिक डिटेल्स किसी के साथ शेयर नहीं करता, जिससे आपकी पहचान सेफ रहती है.
यह भी पढ़ें: Aadhaar App से मिनटों में हो जाएगा एड्रेस अपडेट, बस फॉलो कर लें ये आसान स्टेप्स
