WhatsApp अपने प्लैटफॉर्म पर अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करने जा रहा है. कंपनी ने पुष्टि की है कि जून 2026 तक दुनियाभर में यूजरनेम फीचर लॉन्च किया जाएगा. इसके बाद यूजर्स बिना फोन नंबर शेयर किए चैट, कॉल और बिजनेस इंटरैक्शन कर सकेंगे. यह कदम WhatsApp को Telegram और Instagram जैसे प्लैटफॉर्म्स की तरह हैंडल-आधारित पहचान की ओर ले जाएगा.
फोन नंबर से यूजरनेम तक का सफर
अब तक WhatsApp पर पहचान का आधार केवल मोबाइल नंबर रहा है. लेकिन नये अपडेट के बाद यूजर्स और बिजनेस दोनों यूनिक हैंडल रिजर्व कर सकेंगे, जैसे ‘ ICICI Bank’ या ‘Tom Clark’. इससे प्राइवेसी और आसान कनेक्टिविटी दोनों को मजबूती मिलेगी. कंपनी ने इसे एक ऑप्शनल फीचर बताया है, यानी चाहें तो यूजर्स फोन नंबर से ही काम जारी रख सकते हैं.
प्राइवेसी और स्पैम कंट्रोल
WhatsApp का कहना है कि यूजरनेम फीचर से यूजर्स को अतिरिक्त प्राइवेसी मिलेगी. इससे स्पैम मैसेज पर भी बेहतर कंट्रोल होगा और बिजनेस से जुड़ना आसान होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव प्लैटफॉर्म पर डिस्कवरबिलिटी बढ़ाएगा और यूजर्स को ज्यादा सुरक्षित अनुभव देगा.
बिजनेस के लिए डायनेमिक प्राइसिंग
WhatsApp केवल यूजरनेम ही नहीं, बल्कि बिजनेस मैसेजिंग के लिए ‘डायनेमिक प्राइसिंग’ भी लाने जा रहा है. इसमें कंपनियों को रियल-टाइम में बोली लगानी होगी ताकि उनके मार्केटिंग मैसेज यूजर्स तक पहुंच सकें. इसका बीटा टेस्ट 2026 की दूसरी छमाही में होगा और 2027 की दूसरी तिमाही तक इसे लागू किया जाएगा. यह WhatsApp के लिए बड़ा रेवेन्यू मॉडल साबित हो सकता है.
चुनौतियां और नियामकीय दबाव
हालांकि यह बदलाव यूजर्स के लिए प्राइवेसी और सुविधा लेकर आएगा, लेकिन डेटा ओनरशिप और प्लैटफॉर्म कंट्रोल को लेकर सवाल भी उठ सकते हैं. यूरोप, भारत और मध्य-पूर्व में OTT मैसेजिंग प्लैटफॉर्म्स पहले से ही नियामकीय दबाव में हैं. ऐसे में WhatsApp को इन बदलावों के साथ रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
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