UPI Meta क्या है? NPCI बदलेगा डिजिटल पेमेंट का तरीका, यूपीआई यूजर्स को मिलेगा यह नया फीचर

UPI Meta: एनपीसीआई कथित तौर पर ‘यूपीआई मेटा’ फीचर पर काम कर रहा है, जो यूजर्स को ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर अपना यूपीआई आईडी सेव करने की सुविधा देगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया और भी आसान और तेज हो सकेगी.

UPI Meta: यूपीआई मेटा डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में एक संभावित गेम-चेंजर के रूप में उभर रहा है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) इस नए फीचर को अपनाने की दिशा में काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन शॉपिंग अनुभव को और अधिक सरल बनाना है. यूपीआई मेटा के जरिए ग्राहक अपनी यूपीआई आईडी सीधे ई-कॉमर्स वेबसाइट्स और ऐप्स पर सेव कर सकेंगे. इससे भुगतान प्रक्रिया काफी हद तक सहज और तेज हो जाएगी.

क्या है UPI Meta 

ऑनलाइन शॉपिंग को और भी आसान बनाने के लिए UPI Meta को लाया गया है. फिलहाल, जब भी यूजर्स ऑनलाइन खरीदारी करते हैं, उन्हें हर बार अपनी पसंदीदा UPI ऐप चुननी पड़ती है और मैन्युअली UPI आईडी दर्ज करके पेमेंट करनी पड़ती है.

यह भी पढ़े: 1 मई से खत्म हो जाएगा आपका FASTag? जानें सरकार का लेटेस्ट अपडेट

लेकिन UPI मेटा इस झंझट को खत्म करने की तैयारी में है. यह सिस्टम यूजर्स को अपनी पसंदीदा UPI आईडी जैसे PhonePe या Google Pay किसी वेबसाइट या ऐप पर सुरक्षित रूप से सेव करने की सुविधा देगा. ठीक उसी तरह जैसे कार्ड डिटेल्स टोकनाइज होकर सेव हो जाती हैं, वैसे ही UPI मेटा से यूजर्स को बार-बार पेमेंट डिटेल्स डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे दोबारा खरीदारी करते समय भुगतान की प्रक्रिया और भी तेज और सहज हो जाएगी.

कब तब आएगा UPI Meta फीचर  

हालांकि इस फीचर की आधिकारिक घोषणा अब तक नहीं हुआ है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) इस विचार पर सक्रिय रूप से विचार कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, इंडस्ट्री से जुड़े हितधारकों के साथ आंतरिक स्तर पर बातचीत भी की जा चुकी है.

हालांकि, ‘यूपीआई मेटा’ की किसी भी औपचारिक लॉन्चिंग के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मंजूरी आवश्यक होगी। UPI मेटा का मुख्य लाभ इसकी वह क्षमता है जो मौजूदा समय में UPI पेमेंट को पूरा करने की प्रक्रिया में लगने वाले चरणों की संख्या को घटा देती है. यह सुविधा UPI को कार्ड-आधारित पेमेंट के मुकाबले अधिक तेज और बेहतर यूजर अनुभव देता है.

टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >