आज के समय में लगभग हर पोर्टेबल डिवाइस में बैटरी होती है. चाहे आपका स्मार्टफोन हो, टैबलेट, ईयरफोन/हेडफोन, लैपटॉप या फिर स्मार्टवॉच. ये छोटी-छोटी डिवाइसेज दिनभर काम करती हैं और इनकी बैटरी ही इन्हें लगातार चलाती रहती है. अब जाहिर सी बात है कि हम सभी चाहते हैं कि डिवाइस की बैटरी ज्यादा से ज्यादा चले. लेकिन दिक्कत ये है कि हर गैजेट का साइज फिक्स होता है, और उसी के हिसाब से उसमें बैटरी फिट की जाती है. यानी जितना छोटा डिवाइस, उतनी ही लिमिटेड बैटरी कैपेसिटी.
यहीं पर एक जरूरी टर्म सामने आता है mAh. यही वह यूनिट है जिससे पता चलता है कि किसी बैटरी में कितनी पावर स्टोर हो सकती है. स्मार्टफोन या टैबलेट जैसी डिवाइसेज की बैटरी कैपेसिटी इसी से मापी जाती है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर इसका मतलब क्या होता है, और ये आपकी डिवाइस की बैटरी लाइफ को बेहतर समझने या बढ़ाने में कैसे मदद करता है? आइए जानते हैं.
बैटरी में mAh क्या होता है?
mAh (milliampere-hour) असल में बैटरी की पावर स्टोरेज कैपेसिटी को बताने का तरीका है. आसान शब्दों में समझें तो यह दिखाता है कि आपकी बैटरी कितनी देर तक आपका डिवाइस चला सकती है. 1,000 mAh को 1 Ah (Ampere-hour) माना जाता है. जितना ज्यादा mAh होगा, बैटरी उतनी ज्यादा चार्ज स्टोर कर पाएगी और आमतौर पर उतनी देर चलेगी.
मान लीजिए आपके फोन में 5,000 mAh की बैटरी है. इसका मतलब है कि वह बैटरी लगातार 5,000 mA करंट एक घंटे तक दे सकती है. अब अगर आपका फोन औसतन 500 mA की खपत करता है, तो ऐसे में वह करीब 10 घंटे तक चल सकता है. वहीं अगर किसी फोन में 3,000 mAh की बैटरी है, तो वही उपयोग होने पर वह लगभग 6 घंटे के आसपास ही चलेगा.
लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि सिर्फ mAh ज्यादा होने से हमेशा ज्यादा बैटरी बैकअप नहीं मिलता. अगर आप फोन को ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, या उसका प्रोसेसर और सिस्टम ज्यादा पावर खींच रहा है, तो बड़ी बैटरी भी जल्दी खत्म हो सकती है.
कितनी mAh बैटरी सही रहती है?
ज्यादा mAh वाली बैटरी का मतलब है कि आपका डिवाइस एक बार चार्ज करने पर ज्यादा देर तक चलेगा. यानी आपको बार-बार चार्जर ढूंढने की टेंशन नहीं होगी. खासकर जब आप हाई-रिजॉल्यूशन डिस्प्ले, तेज प्रोसेसर, या दमदार स्पीकर जैसे पावर-हंग्री फीचर्स इस्तेमाल कर रहे हों, तो बड़ी बैटरी बहुत काम आती है.
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. बड़े और भारी डिवाइसों में आमतौर पर बड़ी बैटरी फिट करने की जगह मिल जाती है, इसलिए वे लंबे समय तक चल पाते हैं. वहीं दूसरी तरफ, स्लिम और कॉम्पैक्ट फोन या लैपटॉप दिखने में तो ज्यादा स्टाइलिश लगते हैं, लेकिन बैटरी साइज की लिमिट के कारण उन्हें ज्यादा बार चार्ज करना पड़ सकता है.
तो कुल मिलाकर बात सीधी है. अगर आपको लंबा बैकअप चाहिए तो बड़ी बैटरी चुननी पड़ेगी, और अगर आप पोर्टेबिलिटी चाहते हैं तो थोड़े ज्यादा चार्जिंग साइकिल के लिए तैयार रहना होगा.
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