जब नवंबर 2022 में OpenAI का ChatGPT लॉन्च हुआ, तो इसने न सिर्फ आम लोगों बल्कि टेक इंडस्ट्री के दिग्गजों को भी चौंका दिया. Google के सीईओ सुंदर पिचाई ने उस पल को याद करते हुए कहा कि उनकी पहली प्रतिक्रिया थी- “Wow, this technology is going to diffuse earlier and faster than we were expecting.” यानी यह तकनीक उम्मीद से कहीं तेजी से फैलने वाली है. इसका मतलब यह कि उन्हें तुरंत एहसास हो गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ अब तेजी से शुरू हो चुकी है.
‘अनकंफर्टेबल्ली एक्साइटिंग’ मोमेंट और Google की प्रतिक्रिया
पिचाई ने इसे “uncomfortably exciting” अनुभव बताया. उन्होंने स्वीकार किया कि Google के पास चैटबॉट बनाने के सभी तकनीकी बिल्डिंग ब्लॉक्स मौजूद थे, लेकिन OpenAI ने सबसे पहले इसे एक प्रोडक्ट के रूप में पेश कर दुनिया का ध्यान खींच लिया. इसके बाद Google ने ‘Code Red’ जारी किया और टीम ने तेजी से काम शुरू किया, जिसका नतीजा बाद में Gemini 3 के रूप में सामने आया.
Gemini 3 और AI रेस में पलटवार
2025 के अंत में लॉन्च हुए Gemini 3 Pro ने कई इंडस्ट्री बेंचमार्क्स पर OpenAI और Anthropic को पीछे छोड़ दिया. इस बार हालात उलट गए और रिपोर्ट्स के मुताबिक OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने अपनी टीम को चेतावनी दी कि “the vibes out there” कुछ समय तक कठिन रहने वाले हैं.
Google की रणनीति और ‘फुल-स्टैक’ अप्रोच
पिचाई ने बताया कि Google हमेशा से इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर मॉडल ट्रेनिंग और टेस्ट-टाइम कंप्यूट तक हर स्तर पर सुधार करने की रणनीति अपनाता रहा है. उन्होंने कहा कि बाहर से देखने पर ऐसा लग सकता था कि Google पीछे है, लेकिन असल में कंपनी सभी नींव तैयार कर रही थी ताकि सही समय पर उन्हें एक साथ लागू किया जा सके.
टेक इंडस्ट्री के लिए सबक
ChatGPT का लॉन्च इस बात का सबूत था कि टेक्नोलॉजी कितनी तेजी से बदल सकती है और बड़े खिलाड़ी भी अचानक चौंक सकते हैं. Google ने इस चुनौती को स्वीकार कर अपनी दिशा बदली और अब Gemini सीरीज के साथ फिर से AI रेस में अग्रणी बनने की कोशिश कर रहा है.
यह भी पढ़ें: GPT-5.4 Mini और Nano लॉन्च, जानिए इनमें क्या है खास और कैसे करें इस्तेमाल?
यह भी पढ़ें: Alphabet ने सुंदर पिचाई के लिए तय किया 6,200 करोड़ रुपये का नया पैकेज
