Arattai को हिंदी में क्या बोला जाए? श्रीधर वेम्‍बु ने खुद पोस्ट कर के बताया कई भाषाओं में इसका मतलब

Arattai: Arattai ऐप जब लोगों के सामने आया तब इसके नाम को लेकर भी बड़ी चर्चाएं हुई. लोगों में मन में अक्सर ये सवाल उठ रहा था कि आखिर इस नाम का मतलब क्या है. श्रीधर वेम्‍बु ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर एक पोस्ट शेयर की है जिसमें उन्होनें Arattai का कई भारतीय भाषाओं में मतलब बताया है.

Arattai: पिछले कुछ हफ्तों से स्‍वदेशी कंपनी जोहो का इंस्‍टेंट मैसेजिंग ऐप अरट्टई खूब सुर्खियां बटोर रहा है. कंपनी के सीईओ श्रीधर वेम्बु खुद लोगों से इसे इस्तेमाल करने और इसकी सिक्योरिटी और प्राइवेसी पर भरोसा करने की अपील कर रहे हैं. कई लोग तो इसे देसी व्हाट्सऐप के नाम से भी बुलाने लगे हैं. जब ये ऐप लोगों के सामने आया तब इसके नाम को लेकर भी बड़ी चर्चाएं हुई. लोगों में मन में अक्सर ये सवाल उठ रहा था कि आखिर इस नाम का मतलब क्या है. कई लोगों को ये नाम उतना असरदार नहीं लगा और सोशल मीडिया पर इसे बदलने की सलाह भी दी गयी.

खैर, जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्‍बु ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर एक पोस्ट शेयर की है जिसमें उन्होनें कई भारतीय भाषाओं में अरट्टई का मतलब समझाया है. पोस्ट को देखने से पहले हम जान लेते हैं की आखिर इसे हिंदी में क्या कह सकते हैं.

Arattai को हिंदी में क्या कहेंगे?

श्रीधर वेम्बु ने आज यानी 11 अक्टूबर को ही X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने एक फोटो लगाई है. इस फोटो में बताया गया है कि अलग-अलग भारतीय भाषाओं में ‘अरट्टई’ शब्द को कैसे कहा जाता है. वेम्बु के पोस्ट के मुताबिक, हिंदी में ‘अरट्टई’ का मतलब गपशप होता है. आप फोटो में भी गपशप लिखा देखा सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हिंदी में “गप्प” शब्द का भी इस्तेमाल इसी अर्थ में किया जा सकता है.

Arattai ऐप के कुछ शानदार फीचर्स

मीटिंग्स

अरट्टई में एक खास मीटिंग्स फीचर आपको मिलता है, जो आपको बिल्कुल Zoom या Google Meet की तरह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा देता है. यूजर्स ऐप के नीचे दिए गए डॉक्स से तुरंत मीटिंग शुरू कर सकते हैं, किसी चल रही मीटिंग में जुड़ सकते हैं या फिर आने वाले समय के लिए कॉल शेड्यूल कर सकते हैं.

पॉकेट

पॉकेट फीचर यूजर्स को एक ऐसी प्राइवेट, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड जगह देता है जहां वे अपने नोट्स, फोटो, वीडियो और रिमाइंडर को सेफ रख सकते हैं. यह जगह उनके चैट हिस्ट्री से पूरी तरह अलग रहती है. इसे आप व्हाट्सऐप के “Chat with Yourself” फीचर जैसा मान सकते हैं, लेकिन इसका फोकस खास तौर पर आपकी पर्सनल चीजों को सेफ और सही तरीके से रखने पर है.

जीरो एड्स

इस ऐप में यूजर्स के प्राइवेसी को ध्यान में रखा गया है क्योंकि कंपनी का कहना है कि इसमें किसी तरह के एड्स यानी विज्ञापन नहीं दिखाए जाते. साथ ही कंपनी का यह भी वादा है कि यूजर्स के डेटा किसी भी थर्ड पार्टी के साथ शेयर नहीं किया जाएगा.

Arattai ऐप के मालिक कौन है?

Arattai ऐप की शुरुआत श्रीधर वेम्बु ने की है. वेम्बु Zoho Corporation के विजनरी फाउंडर भी हैं। यह ऐप प्राइवेसी, सेफ्टी और भारतीय इनोवेशन पर खास ध्यान देता है.

Arattai ऐप कब लॉन्च हुआ था?

Arattai ऐप 2021 में लॉन्च हुआ था, लेकिन 4 साल बाद Zoho का ये ऐप लोकप्रिय हो रहा है.

Arattai का हिंदी में क्या मतलब है?

जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बु के मुताबिक, हिंदी में ‘अरट्टई’ का मतलब गपशप होता है. इसके अलावा गप्प शब्द भी इसी अर्थ में इस्तेमाल किया जा सकता है.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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