आने वाले दिनों में यदि आप नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो जेब ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए. वैश्विक बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग और चिप संकट के कारण स्मार्टफोन निर्माताओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. वनप्लस, शाओमी, रियलमी, वीवो, मोटोरोला और नथिंग जैसे प्रमुख ब्रांड्स ने अपने मिड-रेंज स्मार्टफोन्स की कीमतों में ₹500 से लेकर ₹5,000 तक की बढ़ोतरी कर दी है. बीबॉम और काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, एक जैसी स्पेसिफिकेशन्स होने के बावजूद अब यूजर्स को उन्हीं स्मार्टफोन्स के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है.
क्यों महंगे हो रहे हैं स्मार्टफोन? समझें असली वजह
लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन महंगे होने की सबसे मुख्य वजह AI इंफ्रास्ट्रक्चर में आया अचानक उछाल है. काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के मुताबिक, AI बूम के कारण प्रोसेसर्स और मेमोरी चिप्स की मांग आसमान छू रही है. इसके चलते मेमोरी चिप्स के दाम 4 गुना तक बढ़ चुके हैं और आने वाले समय में ये 5 गुना तक जा सकते हैं.
टेक ब्रांड्स इस स्थिति से निपटने के लिए दो तरह के तरीके अपना रहे हैं:
सीधे कीमतें बढ़ाना: स्मार्टफोन के दाम बिना स्पेसिफिकेशन बदले ₹500 से ₹5,000 तक बढ़ा दिए गए हैं.
स्पेसिफिकेशन्स में कटौती (साइलेंट डाउनग्रेड): मिड-रेंज सेगमेंट (₹15,000 से ₹45,000) में कंपनियां दाम वही रख रही हैं, लेकिन फीचर्स घटा रही हैं. उदाहरण के तौर पर, रियलमी 16 प्रो को उसके पुराने मॉडल 15 प्रो की ही कीमत पर लॉन्च किया गया, लेकिन इसमें कमजोर चिपसेट और लो-रिजॉल्यूशन कैमरा दिया गया.
त्योहारी सीजन और दिवाली ऑफर्स का सच
यदि आप यह सोच रहे हैं कि दिवाली की सेल में फोन काफी सस्ता मिल जाएगा, तो एक्सपर्ट्स आपको सचेत कर रहे हैं. तरुण पाठक का मानना है कि इस बार दिवाली ऑफर्स पिछले साल की तुलना में 5 से 10 फीसदी तक कम आकर्षक होंगे. त्योहारी सीजन आते-आते बेस प्राइज और बढ़ चुके होंगे, जिससे डिस्काउंट के बाद भी आपको ज्यादा कीमत ही चुकानी पड़ेगी. ऐसे में नया फोन खरीदने के लिए अभी का समय ही सबसे बेहतर माना जा रहा है.
स्मार्टफोन बायर्स बदल रहे हैं अपना ट्रेंड
महंगाई के इस दौर में भारतीय यूजर्स काफी सोच-समझकर फैसले ले रहे हैं.
ईएमआई और फाइनेंस का सहारा: नकद भुगतान के बजाय लोग आसान किस्तों पर फोन खरीद रहे हैं. अनुमान है कि 2026 में भारत में स्मार्टफोन की कुल बिक्री में ईएमआई और फाइनेंस ऑप्शन्स की हिस्सेदारी बढ़कर 42 फीसदी हो जाएगी, जो 2025 में 35 फीसदी थी.
रिपेयरिंग और पुराना फोन चलाना: लोग नया फोन खरीदने के बजाय अपने मौजूदा स्मार्टफोन को रिपेयर कराकर लंबे समय तक इस्तेमाल करने को प्राथमिकता दे रहे हैं.
रिफर्बिश्ड और पुराने फ्लैगशिप बन रहे हैं पहली पसंद
कैशिफाई के सह-संस्थापक नकुल कुमार के अनुसार, नए मिड-रेंज फोन खरीदने के बजाय यूजर्स पिछले साल के टॉप मॉडल (फ्लैगशिप फोन) या रिफर्बिश्ड (Refurbished) फोन की तरफ रुख कर रहे हैं. 1-2 साल पुराने फ्लैगशिप फोन्स में कम कीमत पर ही बेहतरीन प्रोसेसर और प्रीमियम कैमरा मिल जाता है.
स्मार्ट खरीदारी के लिए एक्सपर्ट टिप्स
स्पेसिफिकेशन शीट ध्यान से पढ़ें: केवल फोन का नाम और प्राइज टैग न देखें, प्रोसेसर और कैमरे की बारीकियां जरूर जांचें.
सॉफ्टवेयर अपडेट का ध्यान रखें: रिफर्बिश्ड फोन खरीदते समय यह समझ लें कि सॉफ्टवेयर अपडेट का समय फोन के ओरिजिनल लॉन्च डेट से गिना जाता है, आपकी खरीद की तारीख से नहीं.
फाइनेंस की छिपी लागत: नो-कॉस्ट ईएमआई चुनते समय प्रोसेसिंग फीस और जीएसटी (GST) जैसे चार्जेज जरूर चेक करें.
बैटरी और वारंटी: सेकंड हैंड या रिफर्बिश्ड फोन लेते समय बैटरी हेल्थ और सर्टिफाइड सेलर की गारंटी जरूर देखें.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. स्मार्टफोन महंगे होने का मुख्य कारण क्या है? ▼
ग्लोबल मार्केट में AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग के कारण प्रोसेसर्स और मेमोरी चिप्स की भारी कमी हो गई है, जिससे मेमोरी के दाम 4 से 5 गुना बढ़ चुके हैं.
2. क्या दिवाली सेल का इंतजार करना नया फोन खरीदने के लिए सही रहेगा? ▼
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दिवाली तक फोन्स के बेस प्राइज और बढ़ जाएंगे. ऐसे में डिस्काउंट मिलने के बावजूद नेट प्राइज ज्यादा ही रहेगा, इसलिए नया फोन खरीदने के लिए अभी का समय सही है.
3. रिफर्बिश्ड (Refurbished) फोन खरीदते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए? ▼
रिफर्बिश्ड फोन लेते समय सॉफ्टवेयर अपडेट की समयसीमा, बैटरी हेल्थ, वारंटी कवरेज और सेलर का सर्टिफाइड होना जरूर चेक करना चाहिए.
ये भी पढ़ें: Samsung Galaxy S26 FE vs Galaxy S25 FE: नया प्रोसेसर या सस्ता पुराना मॉडल? खरीदने से पहले जानें कौन है बेहतर
ये भी पढ़ें: क्या फिर महंगे होंगे आईफोन? iPhone 16 पर मिल रही इस समय की सबसे बड़ी डील
