आज की डिजिटल दुनिया में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस फोन को आप रोज हाथ में पकड़ते हैं, उसमें असल में कीमती धातुएं भी छिपी होती हैं? जी हां, आपके स्मार्टफोन के अंदर सोना, चांदी, पैलेडियम और प्लैटिनम जैसी कीमती धातुएं मौजूद रहती हैं. ये धातुएं बहुत कम मात्रा में होती हैं, लेकिन रिसाइक्लिंग के दौरान इनका महत्व काफी बढ़ जाता है.
स्मार्टफोन में सोना कहां मिलता है
फोन के अंदर मौजूद PCB (Printed Circuit Board), चिप्स, ICs, कनेक्टर्स और कॉन्टैक्ट पॉइंट्स पर सोने की परत चढ़ाई जाती है. इसका कारण है कि सोना करंट को बेहतर तरीके से पास करता है और लंबे समय तक खराब नहीं होता. पुराने जमाने के मोबाइल फोन्स में सोने की मात्रा आज के मुकाबले ज्यादा होती थी, लेकिन नई तकनीक के चलते अब इसका इस्तेमाल कम कर दिया गया है.
कितनी मात्रा में होता है सोना
अगर आप सोच रहे हैं कि आपके फोन में कितना सोना छिपा है, तो जवाब है- बेहद कम. औसतन एक स्मार्टफोन में लगभग 0.038 ग्राम सोना होता है. यानी एक फोन से 1 ग्राम से भी कम सोना निकलता है. यही वजह है कि अकेले एक फोन की वैल्यू ज्यादा नहीं होती, लेकिन जब हजारों-लाखों फोन रिसाइकिल किए जाते हैं तो सोने की मात्रा काफी बढ़ जाती है.
ई-वेस्ट और रिसाइक्लिंग का महत्व
दुनिया भर में ई-वेस्ट एक बड़ी समस्या बन चुकी है. हर साल करोड़ों स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कबाड़ में बदल जाते हैं. इन्हें रिसाइक्लिंग करके न सिर्फ सोना बल्कि सिल्वर, पैलेडियम और प्लैटिनम जैसी धातुएं भी निकाली जाती हैं. आंकड़ों के मुताबिक, 1 टन ई-वेस्ट से लगभग 300-350 ग्राम सोना निकाला जा सकता है. यही वजह है कि ई-वेस्ट मैनेजमेंट आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है.
क्यों है खास स्मार्टफोन का सोना
स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाला सोना सामान्य बाजार में मिलने वाले सोने से ज्यादा शुद्ध और उच्च गुणवत्ता वाला होता है. यही कारण है कि इसकी कीमत भी ज्यादा होती है. हालांकि मात्रा कम होती है, लेकिन रिसाइक्लिंग कंपनियों के लिए यह सोना बेहद कीमती साबित होता है.
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