Sarvam AI ने लॉन्च किया Sarvam Edge: अब बिना इंटरनेट फोन-लैपटॉप पर चलेगा AI

Sarvam AI ने Sarvam Edge नाम का एक नया ऑन-डिवाइस AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. यह स्मार्टफोन और लैपटॉप पर बिना इंटरनेट के भी काम करता है. इस प्लेटफॉर्म की मदद से आप ऑफलाइन ही कई भारतीय भाषाओं में स्पीच को पहचान सकते हैं, एक भाषा से दूसरी भाषा में ट्रांसलेशन कर सकते हैं, और टेक्स्ट को आवाज में बदल सकते हैं.

बेंगलुरु की स्टार्ट-अप कंपनी RSarvam AI भारत का पहला स्वदेशी फुल-स्टैक AI प्लेटफॉर्म बना रही है. अब ये कंपनी एक नया प्लेटफॉर्म लेकर आई है जिसका नाम है ‘Sarvam Edge’. यह नया AI प्लेटफॉर्म सीधे स्मार्टफोन और लैपटॉप पर चलेगा. यानी लोगों को इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी अलग सिस्टम या भारी-भरकम सेटअप की जरूरत नहीं पड़ेगी.

इसकी सबसे खास बात यह है कि Sarvam Edge पूरी तरह ऑफलाइन काम करता है. मतलब इसे चलाने के लिए क्लाउड सर्वर या लगातार इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं होती. कंपनी का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए AI को और फास्ट, ज्यादा सेफ और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भरोसेमंद बनाया जाएगा. आइए इस AI प्लेटफॉर्म के बारे में डिटेल में जानते हैं.

क्या है Sarvam Edge?

Sarvam Edge, Sarvam AI का एक नया ऑन-डिवाइस AI प्लेटफॉर्म है. इसका मतलब ये है कि इसका प्रोसेसिंग काम सीधे आपके मोबाइल या लैपटॉप पर ही होता है, न कि किसी दूर बैठे सर्वर या डेटा सेंटर में. आजकल के स्मार्टफोन और लैपटॉप में पहले से ही काफी पावरफुल प्रोसेसर होते हैं, और Sarvam Edge इसी ताकत का इस्तेमाल करके अपने एडवांस AI मॉडल्स को डिवाइस पर ही चलाता है.

इसका फायदा ये है कि AI से जुड़े काम करने के लिए इंटरनेट पर निर्भरता कम हो जाती है. क्योंकि सारा काम आपके डिवाइस पर ही होता है, इसलिए इंटरनेट की स्लो स्पीड या देरी (delay) की समस्या नहीं आती. साथ ही, आपकी पर्सनल डिटेल्स भी बाहर किसी सर्वर पर नहीं जाती. इससे डेटा लीक होने का खतरा कम हो जाता है. सबसे बड़ी बात यह है कि यह प्लेटफॉर्म उन जगहों पर भी ठीक से काम कर सकता है जहां इंटरनेट कमजोर है या बिल्कुल नहीं है.

ऑफलाइन स्पीच रिकॉग्निशन का मिलता है फायदा

Sarvam Edge की एक खास बात यह है कि इसमें मल्टी-लैंग्वेज स्पीच पहचानने की सुविधा दी गई है. यह मॉडल भारत की 10 बड़ी भाषाओं को सपोर्ट करता है और अपने आप समझ लेता है कि आप किस भाषा में बोल रहे हैं. यानी आपको बोलने से पहले भाषा चुनने की कोई जरूरत नहीं पड़ती.

टेक्स्ट-टू-स्पीच फीचर भी शामिल

इस प्लेटफॉर्म में टेक्स्ट-टू-स्पीच की सुविधा भी मौजूद है. एक ही छोटे और हल्के मॉडल की मदद से यह अलग-अलग भाषाओं में काम करता है. इसकी खासियत यह है कि आवाज का आउटपुट एक जैसा और साफ रहता है, साथ ही डिवाइस की मेमोरी पर भी ज्यादा लोड नहीं पड़ता.

ट्रांसलेशन फीचर

Sarvam Edge में 11 भाषाओं का ट्रांसलेशन सपोर्ट मिलता है. इसमें अंग्रेजी भी शामिल है. यह सिस्टम 110 अलग-अलग लैंग्वेज पेयर में दो-तरफा ट्रांसलेशन कर सकता है. यानी आप एक भाषा से दूसरी और फिर वापस आसानी से ट्रांसलेट कर सकते हैं. खास बात यह है कि इसके लिए इंटरनेट या क्लाउड कनेक्शन की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि पूरा प्रोसेस ऑफलाइन ही काम करता है.

रोजमर्रा के डिवाइस के लिए तैयार

इस प्लेटफॉर्म को इस तरह बनाया गया है कि यह स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसे नॉर्मल डिवाइस पर आराम से चले. इसे चलाने के लिए किसी खास या महंगे हार्डवेयर की जरूरत नहीं होती. कम मेमोरी में भी यह बढ़िया तरीके से ऑप्टिमाइज हो जाता है और जल्दी-जल्दी रिजल्ट देता है.

प्राइवेसी और खर्च दोनों का रखता है ध्यान

Sarvam Edge में प्राइवेसी का खास ध्यान रखा गया है. क्योंकि सारा काम सीधे डिवाइस पर ही होता है, इसलिए यूजर का डेटा बाहर कहीं शेयर नहीं होता और पूरी तरह सेफ रहता है. साथ ही कंपनी को हर क्वेरी के लिए अलग से क्लाउड का खर्च भी नहीं उठाना पड़ता, जिससे लागत कम होती है.

तंत्रा कोड पॉडकास्ट

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Published by: Ankit Anand

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