PhonePe Inactivity Fee को लेकर कंपनी ने दूर किया भ्रम, UPI पर नहीं पड़ेगा कोई असर

PhonePe Wallet पर लगने वाले Inactivity Fee को लेकर कंपनी ने बड़ा अपडेट दिया है. जानिए किन यूजर्स पर लागू होगा यह शुल्क और UPI ट्रांजैक्शन क्यों रहेंगे पूरी तरह सुरक्षित.

देश में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और करोड़ों लोग रोजाना UPI के जरिए लेनदेन कर रहे हैं. हाल ही में PhonePe की ओर से कुछ यूजर्स को भेजे गए वॉलेट इनएक्टिविटी नोटिफिकेशन के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा कि क्या अब UPI ट्रांजैक्शन या बैंक खाते से भी कोई अतिरिक्त शुल्क काटा जाएगा. बढ़ती चर्चा के बीच PhonePe ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि वॉलेट पर लगने वाला इनएक्टिविटी शुल्क केवल PhonePe Wallet तक सीमित है और इसका UPI या बैंक खाते से होने वाले भुगतान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

आखिर क्या है PhonePe Wallet Inactivity Fee?

PhonePe के मुताबिक यह शुल्क केवल उन वॉलेट्स पर लागू होता है जो लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं किए जाते. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि PhonePe Wallet एक प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) है, जबकि UPI एक अलग व्यवस्था है जिसमें पैसा सीधे यूजर के बैंक खाते से ट्रांसफर होता है.

यही वजह है कि वॉलेट और UPI को एक जैसा समझना गलत होगा. दोनों अलग-अलग सिस्टम हैं और इनके नियम भी अलग हैं. यदि किसी यूजर का वॉलेट लंबे समय तक निष्क्रिय रहता है तो उसी पर नियम लागू होंगे, बैंक खाते या UPI पर नहीं.

UPI इस्तेमाल कर रहे हैं, फिर भी क्यों मिला नोटिफिकेशन?

कई यूजर्स ने शिकायत की कि वे रोजाना PhonePe के जरिए भुगतान करते हैं, फिर भी उन्हें निष्क्रियता संबंधी संदेश क्यों मिला. इस पर कंपनी ने बताया कि UPI और Wallet की गतिविधियां अलग-अलग रिकॉर्ड की जाती हैं.

मतलब यह कि यदि कोई व्यक्ति QR कोड स्कैन कर रहा है, बिल भुगतान कर रहा है या पैसे ट्रांसफर कर रहा है, लेकिन PhonePe Wallet का इस्तेमाल नहीं कर रहा, तो उसका वॉलेट निष्क्रिय माना जा सकता है. ऐसे मामलों में इनएक्टिविटी अलर्ट भेजा जा सकता है.

क्या बैंक खाते से काट लिया जाएगा शुल्क?

PhonePe ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस नहीं है तो शुल्क की वसूली यूजर के बैंक खाते या UPI से नहीं की जाएगी. यानी आपका बैंक बैलेंस पूरी तरह सुरक्षित रहेगा.

कंपनी का कहना है कि शुल्क केवल वॉलेट में उपलब्ध राशि से ही लिया जा सकता है. बैंक खाते या लिंक्ड UPI अकाउंट से ऑटोमैटिक कटौती नहीं होगी.

वॉलेट को दोबारा एक्टिव करना कितना आसान?

कंपनी के अनुसार किसी भी शुल्क की कटौती से करीब 15 दिन पहले यूजर को सूचना भेजी जाती है. इस दौरान ग्राहक वॉलेट को दोबारा सक्रिय कर सकता है, उसमें पैसा जोड़ सकता है, बैलेंस निकाल सकता है या जरूरत पड़ने पर वॉलेट बंद भी कर सकता है.

दिलचस्प बात यह है कि वॉलेट को दोबारा चालू करने के लिए फुल KYC की जरूरत नहीं होती. सामान्य तौर पर OTP वेरिफिकेशन और वॉलेट से एक ट्रांजैक्शन करके इसे फिर से सक्रिय किया जा सकता है.

कैशबैक को लेकर भी दूर हुआ भ्रम

PhonePe ने यह भी बताया कि कई यूजर्स यह मान लेते हैं कि उन्हें मिला कैशबैक सीधे वॉलेट में जमा हुआ है. जबकि अधिकांश मामलों में कैशबैक राशि अलग गिफ्ट कार्ड बैलेंस में जाती है.

इसका मतलब यह है कि केवल कैशबैक मिलने से वॉलेट एक्टिव नहीं माना जाएगा और कैशबैक बैलेंस पर इनएक्टिविटी शुल्क के नियम भी अलग हो सकते हैं.

क्या समझें यूजर्स?

PhonePe की ताजा सफाई से यह स्पष्ट हो गया है कि UPI भुगतान और PhonePe Wallet को एक जैसा समझना सही नहीं है. अगर आप केवल UPI के जरिए भुगतान करते हैं तो आपको किसी अतिरिक्त शुल्क की चिंता करने की जरूरत नहीं है. हालांकि, जिन यूजर्स ने PhonePe Wallet में बैलेंस रखा हुआ है, उन्हें समय-समय पर उसकी स्थिति जरूर जांचनी चाहिए. यह भी पढ़ें: PhonePe यूजर्स को बार-बार UPI PIN डालने की जरूरत नहीं, अब फिंगरप्रिंट से कर पाएंगे पेमेंट

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By Rajeev Kumar

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