टेक दुनिया में एक बड़ा बदलाव दस्तक दे सकता है. अब तक स्मार्टफोन ऐप्स के दम पर चलते रहे हैं, लेकिन आने वाले समय में यह पूरा सिस्टम बदल सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक OpenAI एक ऐसा स्मार्टफोन बनाने की तैयारी में है, जिसमें ऐप्स की जरूरत ही खत्म हो सकती है. यह फोन AI एजेंट्स पर आधारित होगा, जो यूजर की आदतों को समझकर खुद फैसले लेगा. अगर ऐसा होता है, तो यह सीधे तौर पर iPhone जैसे मौजूदा मॉडल को चुनौती दे सकता है.
ऐप्स नहीं, AI एजेंट्स होंगे गेम चेंजर
अब तक स्मार्टफोन का पूरा इकोसिस्टम ऐप्स के इर्द-गिर्द घूमता है. चाहे सोशल मीडिया हो, बैंकिंग या शॉपिंग, हर काम के लिए अलग ऐप चाहिए. लेकिन OpenAI का विजन इससे बिल्कुल अलग है. कंपनी ऐसे AI एजेंट्स पर काम कर रही है जो यूजर के व्यवहार को सीखेंगे और जरूरत के हिसाब से खुद काम करेंगे. यानी आपको ऐप खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी, AI खुद काम पूरा कर देगा.
कैसे काम करेगा नया स्मार्टफोन मॉडल
इस नए कॉन्सेप्ट में स्मार्टफोन एक तरह का पर्सनल असिस्टेंट बन जाएगा. AI एजेंट्स आपके रोजमर्रा के पैटर्न को समझेंगे. जैसे कब आपको कैब बुक करनी है, कब मीटिंग है या कौन सा मैसेज जरूरी है. ये एजेंट्स खुद ही फैसले लेकर काम पूरा करेंगे. यह मॉडल मौजूदा ऐप-बेस्ड सिस्टम से पूरी तरह अलग होगा, जिसे अभी Apple और Google आगे बढ़ाते हैं.
हार्डवेयर में भी बड़े पार्टनर जुड़ सकते हैं
इंडस्ट्री एनालिस्ट Ming-Chi Kuo के अनुसार, OpenAI इस स्मार्टफोन के लिए खास चिपसेट भी डेवलप कर सकता है. इसमें Qualcomm और MediaTek जैसे बड़े नाम शामिल हो सकते हैं. वहीं Luxshare मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन में सहयोग दे सकती है. यह दिखाता है कि प्रोजेक्ट सिर्फ सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा हार्डवेयर इकोसिस्टम भी नया होगा.
iPhone मॉडल से कितना अलग होगा ये फोन
आज का iPhone थर्ड पार्टी ऐप्स पर आधारित है. ऐप स्टोर इसका सबसे बड़ा स्ट्रेंथ रहा है. लेकिन OpenAI का प्लान इस मॉडल को पूरी तरह बदलने का है. अगर AI एजेंट्स सफल होते हैं, तो यूजर को ऐप्स इंस्टॉल करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. इससे डेवलपर्स और ऐप इंडस्ट्री पर भी बड़ा असर पड़ सकता है.
क्या बदल सकता है स्मार्टफोन का भविष्य?
अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो स्मार्टफोन यूज करने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है. यूजर को कम मेहनत करनी होगी और ज्यादा काम ऑटोमैटिक तरीके से होगा. हालांकि यह टेक्नोलॉजी अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसका असर आने वाले सालों में पूरी इंडस्ट्री पर दिख सकता है.
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