अब विदेशी मेहमान भी कर सकेंगे यूपीआई पेमेंट, NPCI ने लॉन्च किया UPI One World वॉलेट

16 फरवरी से नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की शुरुआत हो गई है. इसी मौके पर विदेश से आए मेहमानों की सुविधा के लिए ‘UPI One World’ वॉलेट को लॉन्च किया गया है, ताकि वे भारत में आसानी से डिजिटल पेमेंट कर सकें.

AI Impact Summit 2026 आज यानी 16 फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है. इस इवेंट में दुनिया भर की कई बड़ी टेक कंपनियां हिस्सा ले रही हैं. इसी मौके पर National Payments Corporation of India (NPCI) ने ‘UPI One World’ नाम से एक नया वॉलेट लॉन्च किया है. यह सुविधा खास तौर पर इस कार्यक्रम में शामिल होने आए विदेशी मेहमानों के लिए शुरू की गई है. इसकी मदद से वे भारत में रहते हुए आसानी से डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे और कैश रखने की झंझट से बच पाएंगे. आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.

UPI One World Wallet क्या है?

हाल ही में शुरू की गई UPI One World सेवा एक तरह का प्रीपेड डिजिटल वॉलेट है. इसे खास तौर पर भारत आने वाले विदेशी यात्रियों के लिए लॉन्च किया गया है. इसके जरिए विदेश से आए लोग सीधे UPI QR कोड स्कैन करके दुकानों या व्यापारियों को तुरंत पेमेंट कर सकते हैं. इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए उन्हें न तो भारतीय मोबाइल नंबर की जरूरत होगी और न ही किसी भारतीय बैंक में खाता खुलवाना की.

यह सुविधा 40 से ज्यादा देशों से आने वाले प्रतिनिधियों और यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई गई है. साथ ही, NPCI ने इसे फिलहाल एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया है, ताकि भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को डिजिटल पेमेंट में आसानी हो सके.

UPI One World कैसे करें यूज?

स्टेप 1: सबसे पहले Transcorp की CheqUPI ऐप डाउनलोड करें.

स्टेप 2: ऐप डाउनलोड करने के बाद अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें.

स्टेप 3: अब आपको अपना पासपोर्ट और वीजा की डिटेल्स भरनी होगी.

स्टेप 4: इसके बाद सेल्फी अपलोड करके और अपना UPI पिन सेट करके वेरिफिकेशन करें

स्टेप 5: जैसे ही आपकी जानकारी सिस्टम से मंजूर हो जाएगी, आपको एक अलग और यूनिक UPI आईडी मिल जाएगी.

स्टेप 6: अब आप इस वॉलेट में अंतरराष्ट्रीय डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पैसे जोड़ सकते हैं.

स्टेप 7: एक बार में अधिकतम 25,000 रुपये तक का ट्रांजैक्शन किया जा सकता है. महीने में आप दो बार पैसे लोड कर सकते हैं, और कुल मिलाकर महीने की सीमा 50,000 रुपये है.

स्टेप 8: अगर वॉलेट में कुछ पैसा बच जाता है, तो विदेशी मुद्रा नियमों के अनुसार उसे उसी कार्ड या सोर्स में वापस ट्रांसफर किया जा सकता है, जिससे आपने पेमेंट किया था.

इस पहल का मकसद क्या है?

NPCI का कहना है कि विदेशी मेहमानों के लिए यह नया पेमेंट तरीका इसलिए शुरू किया गया है ताकि वे भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का आसानी से इस्तेमाल कर सकें. अक्सर बाहर से आने वाले यात्रियों को यहां के लोकल पेमेंट सिस्टम को यूज करने में दिक्कत होती है. ऐसे में यह वॉलेट उनकी परेशानी दूर करेगा, क्योंकि वे सीधे UPI QR कोड स्कैन करके भुगतान कर सकेंगे.

दिलचस्प बात यह है कि कुछ देशों के लोग इस सेवा का लाभ नहीं उठा पाएंगे. हालांकि NPCI ने यह साफ नहीं किया है कि कौन-कौन से देश इसमें शामिल नहीं हैं, लेकिन इतना जरूर कहा है कि यह फैसला आधिकारिक नियमों के तहत लिया गया है.

तंत्रा कोड पॉडकास्ट

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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