नया AC लें या सेकंड हैंड? जानें गर्मी में पैसा बचाने के लिए कौन सा है बेस्ट चॉइस

New vs Second Hand AC: गर्मी बढ़ते ही AC लेना जरूरी हो जाता है. लेकिन असली कन्फ्यूजन यह होता है कि नया AC लें या सेकंड हैंड। नया AC भरोसेमंद, ज्यादा टिकाऊ और कम झंझट वाला होता है. वहीं पुराना सस्ता पड़ सकता है, लेकिन मेंटेनेंस और रिस्क ज्यादा रहते हैं। आइए इस चीज को डिटेल में समझते हैं.

New vs Second Hand AC: जैसे-जैसे हर दिन गर्मी और हीटवेव बढ़ रहा है, वैसे-वैसे एसी लगवाने का ख्याल लग्जरी से ज्यादा जरूरत जैसा लगने लगता है. लेकिन यहीं एक सवाल सामने आता है. क्या नया एसी खरीदना सही रहेगा या फिर कम कीमत में सेकंड हैंड एसी लेना बेहतर ऑप्शन हो सकता है? अगर आप भी इसी सवाल में उलझे हुए हैं, तो टेंशन मत लीजिए. इस आर्टिकल में हम आसान तरीके से समझेंगे कि आपके लिए कौन-सा ऑप्शन सबसे सही रहेगा. आइए फिर जानते हैं.

नया एसी बनाम सेकंड हैंड एसी: कुल खर्च में कौन पड़ेगा भारी?

नया एसी खरीदने में ज्यादा पैसे जरूर खर्च होते हैं, लेकिन इसके साथ आपको भरोसा, बेहतर परफॉर्मेंस और कई सालों की वारंटी भी मिलती है.. आपको पता होता है कि एसी बिल्कुल नया है और बढ़िया कूलिंग देगा.

वहीं, सेकेंड हैंड एसी पहली नजर में काफी सस्ता और फायदे का सौदा लग सकता है. कीमत अक्सर नए AC से लगभग आधी होती है. लेकिन असली कहानी बाद में सामने आती है. ज्यादातर पुराने एसी बिना किसी वारंटी के आते हैं. ऐसे में अगर कोई बड़ी खराबी आ गई, तो पूरा खर्च आपकी जेब से जाएगा. 

खासकर अगर कंप्रेसर खराब हो जाए, तो उसकी मरम्मत में इतना खर्च आ सकता है कि उतने में नया AC लेने का मन कर जाए. ऊपर से इंस्टॉलेशन और छोटे-मोटे रिपेयर का खर्च अलग. ऐसे में जो सौदा शुरुआत में सस्ता लग रहा था, वह धीरे-धीरे महंगा पड़ सकता है.

नया एसी बनाम सेकंड हैंड एसी: बिजली की खपत में कितना अंतर?

एसी खरीदते समय बिजली की बचत जरूर मायने रखती है. लेकिन असली सवाल है कि आप उसे चलाते कितनी देर हैं. नए 5-स्टार इन्वर्टर एसी बिजली बचाने में शानदार होते हैं. हालांकि उनकी कीमत भी काफी ज्यादा होती है.

अगर आप दिनभर घर से बाहर रहते हैं और एसी सिर्फ रात में यूज करते हैं, तो इतना एक्स्ट्रा खर्च करना हमेशा जरूरी नहीं होता. ऐसे में अच्छी हालत में रखा गया 3-स्टार पुराना एसी भी आपके लिए बढ़िया ऑप्शन हो सकता है. शुरुआत में कम खर्च होगा और बिजली का बिल भी बहुत ज्यादा अंतर नहीं दिखाएगा.

नया एसी बनाम सेकंड हैंड एसी: मेंटेनेंस और कूलिंग परफॉरमेंस

नए एसी सिर्फ दिखने में ही बेहतर नहीं होते, बल्कि इनमें लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड रेफ्रिजरेंट का यूज किया जाता है. यही वजह है कि ये कमरे को तेजी से ठंडा करते हैं, लगातार शानदार परफॉर्मेंस देते हैं और इनके स्पेयर पार्ट्स भी आसानी से मिल जाते हैं.

वहीं, पुराने सेकेंड हैंड एसी के साथ अक्सर कई छिपी हुई परेशानियां आती हैं. समय के साथ कॉइल्स पर धूल जम जाती है, एयरफ्लो कम हो जाता है और कई पार्ट्स घिसने लगते हैं. इसका सीधा असर कूलिंग और बिजली बिल पर पड़ता है. ऊपर से, पुराने मॉडल्स के स्पेयर पार्ट्स ढूंढना भी मुश्किल होता है.

नया एसी बनाम सेकंड हैंड एसी: कौन सा लेना फायदे का सौदा

हर पुराना एसी खराब हो, ऐसा बिल्कुल नहीं है. अगर यूनिट कम इस्तेमाल हुई हो, सही हालत में हो और गैस भी पूरी हो, तो वह नए एसी की तरह बढ़िया कूलिंग दे सकती है. फर्क सिर्फ इतना है कि खरीदने से पहले उसे अच्छी तरह चेक करना जरूरी है. नया एसी शुरुआत से बेफिक्र रखता है, जबकि समझदारी से चुना गया पुराना एसी आपके पैसे भी बचा सकता है.

यह भी पढ़ें: इन्वर्टर एसी या कन्वर्टिबल एसी: आपके कमरे के लिए कौन है ज्यादा बेहतर और बिजली बचाने वाला

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लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.

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