Reliance Industries के ताजा नतीजों ने साफ संकेत दिया है, कि कंपनी अब अपने अगले बड़े ग्रोथ फेज में प्रवेश कर चुकी है. इस बदलाव के केंद्र में Reliance Jio है, जो पारंपरिक टेलीकॉम से आगे बढ़कर भारत का डिजिटल और AI गेटवे बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है.
कंपनी प्रबंधन के अनुसार, जियो अब उस स्तर पर पहुंच चुका है जहां उसकी मजबूत कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य की AI आधारित सेवाओं की नींव तैयार कर रहे हैं.
कनेक्टिविटी से AI तक, जियो का अगला बड़ा प्लान
आकाश अंबानी ने कहा, कि जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ने के बाद अब इंटेलिजेंस एरा की ओर कदम बढ़ा दिया है. 52 करोड़ 40 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ जियो अब देश का डिजिटल गेटवे बनने की स्थिति में है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि जियो की एडवांस कनेक्टिविटी और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए AI सेवाएं सीधे उपभोक्ताओं, घरों और व्यवसायों तक पहुंचेंगी.
देश के सबसे बड़े यूजर बेस और तेजी से फैलते 5G नेटवर्क के साथ, जियो अब कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को और गहराई तक ले जाने पर फोकस कर रहा है. JioFiber और JioAirFiber को केवल इंटरनेट सेवा नहीं, बल्कि डिजिटल और AI इकोसिस्टम के एंट्री गेट के रूप में देखा जा रहा है.
डेटा ग्रोथ और फाइनेंशियल मजबूती बना रही मजबूत नींव
मार्च 2026 तक जियो का फिक्स्ड ब्रॉडबैंड यूजर बेस 2 करोड़ 71 लाख तक पहुंच गया है, जबकि मार्केट शेयर करीब 43% हो चुका है. JioAirFiber का सब्सक्राइबर बेस 1 करोड़ 30 लाख तक पहुंच गया है, जो कंपनी के तेजी से विस्तार का अहम आधार है.
डेटा खपत में भी तेज उछाल देखने को मिला है. जियो नेटवर्क पर कुल डेटा ट्रैफिक में करीब 35% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि प्रति यूजर डेटा खपत 42.3 GB प्रति माह तक पहुंच गई है. यह बढ़ता उपयोग भविष्य में AI आधारित सेवाओं के लिए मजबूत फाउंडेशन तैयार कर रहा है.
फाइनेंशियल प्रदर्शन भी इसी दिशा की पुष्टि करता है. Q4 FY26 में Jio Platforms का रेवेन्यू 44,928 करोड़ रुपये रहा, जो 12.7% की वृद्धि दर्शाता है. EBITDA 20,060 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और मार्जिन 52% से ऊपर रहा.
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