WhatsApp यूजर्स के लिए Meta एक नया प्राइवेसी-फोकस्ड फीचर लेकर आया है, जिसका नाम Incognito Chat है. Meta के CEO Mark Zuckerberg ने हाल ही में इस फीचर का ऐलान किया है. यह फीचर खास तौर पर उन यूजर्स के लिए तैयार किया गया है, जो Meta AI के साथ ज्यादा सुरक्षित और प्राइवेट तरीके से बातचीत करना चाहते हैं.
अपने आप गायब हो जाएंगे चैट्स
कंपनी के मुताबिक, Incognito Chat के जरिए यूजर्स Meta AI से ज्यादा सुरक्षित तरीके से बात कर सकेंगे. यह बातचीत नॉर्मल क्लाउड सर्वर पर प्रोसेस नहीं होगी, बल्कि एक सिक्योर सिस्टम के जरिए संभाली जाएगी. Meta का दावा है कि न तो कंपनी और न ही कोई बाहरी व्यक्ति इन चैट्स को पढ़ सकेगा. सबसे खास बात यह है कि चैट खत्म होने के बाद मैसेज अपने आप गायब हो जाएंगे और सर्वर पर स्टोर नहीं होंगे.
क्या है WhatsApp का Incognito Chat फीचर?
Incognito Chat, Meta AI के अंदर दिया गया एक नया मोड है, जिसका फोकस यूजर प्राइवेसी को मजबूत करना है. Meta का कहना है कि इसमें Private Processing टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसे पिछले साल WhatsApp के AI फीचर्स के लिए पेश किया गया था.
इस तकनीक में यूजर्स की रिक्वेस्ट नॉर्मल क्लाउड सर्वर की बजाय Trusted Execution Environments नाम के एन्क्रिप्टेड और आइसोलेटेड सिस्टम में प्रोसेस होती है. इससे चैट ज्यादा सुरक्षित रहती है और किसी भी थर्ड पार्टी को डेटा एक्सेस नहीं मिल पाता.
Meta का कहना है कि यह फीचर दूसरे AI प्लेटफॉर्म्स से अलग है, क्योंकि कई AI चैट सर्विसेज यूजर्स के प्रॉम्प्ट और जवाबों को लंबे समय तक स्टोर करके रखती हैं. वहीं Incognito Chat में सेशन खत्म होते ही मैसेज डिलीट हो जाएंगे.
WhatsApp पर कैसे मिलेगा Incognito Chat फीचर?
Meta के मुताबिक, Incognito Chat फीचर को Android और iOS यूजर्स के लिए धीरे-धीरे रोलआउट किया जा रहा है. इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अपना WhatsApp ऐप लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करना होगा.
हालांकि, फिलहाल यह फीचर चुनिंदा अकाउंट्स के लिए उपलब्ध कराया गया है, इसलिए सभी यूजर्स को यह तुरंत दिखाई नहीं देगा. इसकी उपलब्धता यूजर के क्षेत्र और अकाउंट टाइप पर भी निर्भर कर सकती है.
जिन यूजर्स को यह अपडेट मिलेगा, उन्हें Meta AI के साथ प्राइवेट बातचीत शुरू करने का एक अलग ऑप्शन दिखाई देगा.
सुरक्षा को लेकर Meta का दावा
Meta के मुताबिक, उसकी Private Processing टेक्नोलॉजी की जांच NCC Group और Trail of Bits जैसी सिक्योरिटी कंपनियों ने की है. कंपनी का दावा है कि इन जांचों में यह पाया गया कि सिस्टम यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा के लिए मजबूत सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स को फॉलो करता है.
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