कहीं ये Apps तो नहीं कर रहे आपकी जिंदगी में तांका-झांकी! लिस्ट में Meta के ऐप्स भी शामिल

Meta Apps Spying Data: हमेशा ऐसा होता है कि हम किसी बारे में बात कर रहे हो और हमारे सोशल मीडिया में उससे जुड़ी चीजें दिखाई देने लग जाए. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि, हमारे फोन में कई ऐप्स ऐसे मौजूद हैं, जो हमारी जिंदगी में तांका-झांकी कर रहे हैं. इतना ही नहीं, ये ऐप्स हमारी पसंद-नापसंद सहित कई चीजों को लेकर अलग से डेटा बना कर स्टोर भी कर रहे हैं.

Meta Apps Spying Data: क्या आपको पता है कि आपके स्मार्टफोन में इन्स्टॉल ऐप्स आपकी जिंदगी में लगातार तांका-झांकी कर रहे हैं? अक्सर आपने ये नोटिस किया होगा कि आप किसी चीज के बारे में बात कर रहे हैं और तुरंत अपके सोशल मीडिया फीड पर उससे जुड़ी चीज दिखाई देनी शुरू हो जाती है. अगर हां, तो क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है. नहीं न, तो फिर ये खबर आपके लिए खास है. दरअसल, इसे लेकर Apteco रिसर्च फर्म ने दावा किया है कि, कुछ पॉपुलर Apps हमारी जिंदगी में तांक-झांक करने के साथ-साथ हम पर नजर रख रहे हैं. साथ ही आपकी पसंद-नापसंद से लेकर पॉलिटिकल ओपिनियन जैसे डेटा को स्टोर कर रहे हैं. आपको जान कर हैरानी होगी कि इन पॉपुलर Apps में Meta के तीन ऐप्स शामिल हैं.

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कौन-कौन से ऐप्स हैं शामिल?

Apteco की रिपोर्ट के अनुसार, इस तांका-झांकी करने वाले ऐप्स की लिस्ट में Meta के Instagram, Facebook, Threads से लेकर Pinterest, YouTube, X, LinkedIn, Amazon, Alexa और PayPal का नाम है. रिपोर्ट के अनुसार, ये ऐप्स यूजर्स के डेटा को अलग-अलग स्टोर करते हैं. जिसमें आप किस चीजों पर क्लिक कर रहे हैं से लेकर आपके लोकेशन, ब्राउजिंग हिस्ट्री, Contacts, फाइनेंशियल डिटेल्स और डिवाइस इंफोर्मेशन जैसी जानकारियां शामिल हैं. ये ऐप्स आपके इस डेटा का इस्तेमाल आपकी डिजिटल प्रोफ़ाइल बनाने के लिए करते हैं, जिससे आपकी पसंद, नापसंद, रूटीन और आदतों का अंदाजा लगाया जा सके.

ऐसे में कई लोगों का मानना है कि ये ऐप्स इस तरह से डेटा को स्टोर इसलिए करती है ताकि यूजर्स को बेहतर सर्विस दे सके. जबकि डेटा का इस्तेमाल यूजर्स को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है. कई रिपोर्ट्स का मानना है कि इस तरह के डेटा का इस्तेमाल 2016 में अमेरिका में हुए चुनाव के लिए किया गया था.

ऐप्स की तांका-झांकी से कैसे बचें?

आज के समय में Instagram, Facebook से लेकर अन्य ऐप्स का इस्तेमाल बढ़ गया है. कहीं न कहीं इनके बिना कई काम भी अधूरे हैं. ऐसे में इनका इस्तेमाल पूरी तरह से बंद तो नहीं किया जा सकता लेकिन इन ऐप्स को आप पर नजर रखने से रोका जरूर जा सकता है. ऐसे में आप जब भी इनका इस्तेमाल करें तो इन्हें सोच-समझकर ही किसी चीज के लिए परमिशन दें. दरअसल, जब हम कोई ऐप अपने फोन में इंस्टॉल करते हैं, तब इंस्टॉल होने के बाद ये ऐप हमसे कुछ चीजों की परमिशन मांगते हैं. जैसे लोकेशन, कॉन्टैक्ट्स, सेंसर्स आदि. ऐसे में अगर आप इन्हें एक्सेस दे देते हैं तो ये आपके फोन के डेटा का गलत इस्तेमाल भी कर सकते हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप इन ऐप्स को परमिशन देने से पहले एक बार रिव्यू कर लें और हो सके तो कम से कम ही एक्सेस दें. वो भी जरूरत पड़ने पर ही दें. इसके अलावा अपने फोन के कैमरा और माइक्रोफोन के एक्सेस को ऑफ कर के रखें. ऐसा करने से ये ऐप्स सेंसर्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.

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Author: Shivani Shah

शिवानी कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर टेक-ऑटो कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में वह 3 सालों से सक्रिय हैं. वह टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं. वह आसान भाषा और साफ तरीके से खबर लिखती हैं. टेक कैटेगरी में वह स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गैजेट्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स पर खबर लिखती हैं. ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी शिवानी नई कार-बाइक लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ऑटो अपडेट्स, कार और बाइक से जुड़े टिप्स व नई तकनीक पर खबरें लिखती हैं. वह टेक और ऑटो की खबरों को आसान तरीके से पेश करती हैं, ताकि हर रीडर उसे आसानी से समझ सके. उनकी लेखन शैली आसान, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है. शिवानी ने करीम सिटी कॉलेज जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे कंटेन्ट राइटिंग की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिवानी ने Lagatar.Com और The News Post जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है. यहां उन्होंने टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य न्यूज बीट पर कंटेंट तैयार किया. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में उनकी खास रुचि है और वह लगातार नए विषयों पर बेहतर और भरोसेमंद कंटेंट तैयार कर रही हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शिवानी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि रीडर्स तक सही, काम की खबरें और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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