गैस सिलेंडर की किल्लत की खबरों ने लोगों का ध्यान इंडक्शन कुकटॉप की ओर खींचा है. यह न सिर्फ इस्तेमाल में आसान है बल्कि पारंपरिक गैस स्टोव की तुलना में ज्यादा एफिशिएंट भी माना जाता है. लेकिन अक्सर सवाल उठता है कि इंडक्शन चूल्हा बिजली कितनी खपत करता है और महीने का बिल कितना बढ़ाता है.
इंडक्शन कैसे काम करता है?
इंडक्शन कुकटॉप बिजली से चुंबकीय क्षेत्र (magnetic field) बनाता है. यह सीधे बर्तन को गर्म करता है, जिससे ऊर्जा की बर्बादी कम होती है. यही वजह है कि यह गैस स्टोव की तुलना में ज्यादा एफिशिएंट माना जाता है.
एक घंटे में कितनी बिजली खपत होती है?
अधिकतर इंडक्शन कुकटॉप की पावर रेटिंग 1200W से 2000W होती है. अगर आप 2000W इंडक्शन को फुल पावर पर 1 घंटे चलाते हैं, तो यह लगभग 2 यूनिट बिजली खपत करेगा. कम पावर पर इस्तेमाल करने पर खपत भी कम होगी.
महीने का बिल कितना बढ़ेगा?
मान लीजिए आप रोज 1 घंटे 2000W इंडक्शन चलाते हैं, तो
- डेली खपत: 2 यूनिट
- मंथली खपत: 60 यूनिट
- अगर बिजली दर ₹6 प्रति यूनिट है: ₹360/माह
- अगर दर ₹8-₹10 प्रति यूनिट है: ₹480-₹600/माह
यानी सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह बहुत महंगा नहीं पड़ता.
गैस स्टोव और इंडक्शन के बीच अंतर
- इंडक्शन: बिजली पर निर्भर, खर्च बिजली दर और उपयोग पर तय होता है
- गैस स्टोव: खर्च सिलेंडर की कीमत पर तय होता है.
अगर आपके इलाके में बिजली सस्ती है, तो इंडक्शन ज्यादा किफायती साबित हो सकता है. वहीं, अगर बिजली महंगी है और ज्यादा खपत होती है तो गैस स्टोव बेहतर विकल्प रहेगा.
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