1.5 टन AC को रोजाना 8-10 घंटे चलाने पर कितना आएगा बिल? समझें पूरा कैलकुलेशन

अगर आप रोज 8-10 घंटे AC चलाते हैं, तो उसका असर सीधे आपके बिजली बिल पर दिखता है. AC की स्टार रेटिंग और इस्तेमाल के तरीके के हिसाब से खर्च काफी बदल सकता है. ऐसे में अगर आपके पास 1.5 टन का AC है, तो आइए समझते हैं कि महीने भर में इसका बिल कितना आ सकता है.

गर्मी के मौसम ने दस्तक दे दी है और घरों में AC चलने शुरू हो गए हैं. अगर आप भी अपने AC को चलते हुए देख कर सोच रहे हैं कि बिजली का बिल कितना बढ़ेगा तो आज थोड़ा कैलकुलेशन कर लेते हैं. मान लीजिए आपके पास 1.5 टन का AC है, जो आपको तेज गर्मी से राहत तो देगा, लेकिन इसकी एक कीमत भी चुकानी पड़ेगी. इस आर्टिकल में हम आपको आसान शब्दों में समझाएंगे कि 3-स्टार और 5-स्टार AC कितना बिजली खर्च करते हैं और इसका आपके महीने के बिल पर क्या असर पड़ता है. आइए आपको डिटेल में बताते हैं.

1.5 टन का AC कितनी बिजली खपत करता है?

अगर आपके घर में 1.5 टन का स्प्लिट AC है, तो आपने भी कभी न कभी सोचा होगा कि ये आखिर कितनी बिजली खाता है? असल में इसका सीधा जवाब नहीं है, क्योंकि इसकी खपत कई चीजों पर डिपेंड करता है. जैसे AC की स्टार रेटिंग, आप रोज कितने घंटे चलाते हैं और उसकी ओवरऑल एफिशिएंसी कैसी है.

1.5 टन 3-स्टार AC: बिजली खपत और महीने का बिल

आम तौर पर 1.5 टन 3-स्टार AC में हर घंटे करीब 1.5 से 1.7 यूनिट बिजली खर्च होती है. अब मान लीजिए आप इसे रोजाना करीब 10 घंटे चलाते हैं, तो आपका रोज का खर्च लगभग 17 यूनिट तक पहुंच सकता है. वहीं पूरे महीने (30 दिन) में ये आंकड़ा करीब 510 यूनिट हो जाता है. अगर बिजली का रेट लगभग ₹8 प्रति यूनिट है, तो आपका महीने का बिल सीधा ₹4,000 के आसपास पहुंच सकता है.

1.5 टन 5-स्टार AC: बिजली खपत और महीने का बिल

आम तौर पर 1.5 टन 5-स्टार AC करीब 1.2 यूनिट प्रति घंटे बिजली खपत करता है. अब अगर आप इसे रोज लगभग 8 घंटे चलाते हैं, तो दिनभर में करीब 9.6 यूनिट बिजली खर्च होगी. महीने भर (30 दिन) में ये बढ़कर लगभग 288 यूनिट तक पहुंच जाती है. अब बात करते हैं पैसे की. अगर बिजली का रेट ₹8 प्रति यूनिट मान लें, तो आपका महीने का बिल करीब ₹2,304 बन सकता है.

लेकिन अच्छी बात ये है कि 5-स्टार AC लेने का फायदा भी यहीं दिखता है. ये 3-स्टार AC के मुकाबले करीब 40-45% तक बिजली बचा सकता है. यानी लंबे समय में आपकी अच्छी-खासी सेविंग हो सकती है.

यह भी पढ़ें: आपके रूम साइज के हिसाब से कितने टन का AC रहेगा सही? खरीदने से पहले जरूर जानें

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >