कई बार ऐसा होता है कि आप अपने फोन को उसी ओरिजिनल फास्ट चार्जर से चार्ज कर रहे होते हैं, फिर भी चार्जिंग बहुत स्लो लगने लगती है. ऐसे में ज्यादातर लोग चार्जर या केबल को ही खराब कह देते हैं, लेकिन असली वजह कुछ और भी हो सकती है. दरअसल, कई स्मार्टफोन्स में एक छिपी हुई सेटिंग होती है जिसे एडैप्टिव चार्जिंग (Adaptive Charging) कहा जाता है. यह फीचर बैटरी की हेल्थ को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने के लिए बनाया गया है. खासकर जब आप फोन को रातभर चार्ज पर लगाकर छोड़ देते हैं, तो यह अपने आप चार्जिंग स्पीड कम कर देता है ताकि बैटरी पर ज्यादा दबाव न पड़े.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सेटिंग बैटरी को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने में मदद करती है. लेकिन कई बार यही फीचर यूजर्स को कन्फ्यूज भी कर देता है. यह तब होता है जब फास्ट चार्जर इस्तेमाल करने के बावजूद फोन अचानक स्लो स्पीड से चार्ज होने लगे. आइए इस सेटिंग के बारे में डिटेल में जानते हैं.
क्या है एडैप्टिव चार्जिंग (Adaptive Charging)?
अगर आपके फोन में एडैप्टिव चार्जिंग फीचर है, तो इसका काम सिर्फ बैटरी चार्ज करना नहीं है. ये उसकी लाइफ को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने में भी मदद करता है. आसान शब्दों में समझें तो यह फीचर आपके रोज के चार्जिंग पैटर्न को समझता है और उसी हिसाब से फोन को स्मार्ट तरीके से चार्ज करता है.
मान लीजिए आप रोज रात 11 बजे फोन चार्ज पर लगाते हैं और सुबह 7 बजे निकालते हैं. ऐसे में फोन पूरी रात 100% पर टिके रहने के बजाय पहले करीब 80% तक चार्ज होता है और फिर कुछ घंटों के लिए वहीं रुक जाता है. इसके बाद सुबह आपके उठने के ठीक पहले धीरे-धीरे 100% तक पहुंचता है. इसका फायदा यह है कि बैटरी पर ज्यादा लोड नहीं पड़ता, फोन कम गर्म होता है और लंबे समय में बैटरी की हेल्थ बेहतर बनी रहती है.
इस सेटिंग को कैसे ऑफ करें?
अगर आपका फोन दिन में नॉर्मल से ज्यादा धीरे चार्ज हो रहा है, तो इसकी एक वजह एडैप्टिव चार्जिंग सेटिंग भी हो सकती है. यह फीचर बैटरी की सेहत बचाने के लिए चार्जिंग स्पीड को जानबूझकर स्लो कर देता है. अगर आपको जल्दी चार्ज चाहिए, तो इस सेटिंग को बंद किया जा सकता है. आइए जानते हैं कैसे.
- Settings > Battery > Adaptive Charging
- या कुछ फोनों में Settings > Battery Health > Charging Optimisation
Adaptive Charging के फायदे और नुकसान
अगर आपके फोन में एडैप्टिव चार्जिंग फीचर ऑन है, तो उसे बंद करते ही कई बार फास्ट चार्जिंग की स्पीड तुरंत वापस नॉर्मल हो सकती है. कई यूजर्स ने Reddit पर भी बताया है कि सॉफ्टवेयर बीटा अपडेट के दौरान इस फीचर को ऑफ करते ही फोन पहले से तेज चार्ज होने लगा.
लेकिन एक बात ध्यान रखने वाली है. बैटरी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर आप एडैप्टिव चार्जिंग को हमेशा के लिए बंद रखते हैं, तो लंबे समय में बैटरी की हेल्थ पर थोड़ा असर पड़ सकता है. वजह यह है कि फोन की बैटरी ज्यादा देर तक 100% के करीब रहती है, जिससे धीरे-धीरे उसकी लाइफ कम हो सकती है.
यह भी पढ़ें: Instagram ने बैन कर दिया आपका अकाउंट? मिनटों में हो सकता है रिकवर, जानें सीक्रेट तरीका
