Google ने बदला इंटरव्यू का तरीका! अब AI की मदद से होगा Software Engineer का टेस्ट

Google ने Engineering Interview Process में बड़ा बदलाव शुरू किया है. अब कुछ राउंड्स में उम्मीदवार Gemini AI की मदद ले सकेंगे, जिससे भर्ती प्रक्रिया आधुनिक इंजीनियरिंग वर्कफ्लो के और करीब पहुंच जाएगी.

टेक इंडस्ट्री में AI का असर अब सिर्फ काम करने के तरीके तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नौकरी पाने की प्रक्रिया भी तेजी से बदल रही है. Google ने अब Software Engineering इंटरव्यू प्रॉसेस में बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है. कंपनी कुछ इंटरव्यू राउंड्स में उम्मीदवारों को AI टूल इस्तेमाल करने की अनुमति देने जा रही है. इसका मकसद इंटरव्यू को वास्तविक इंजीनियरिंग वर्कफ्लो के और करीब लाना है, क्योंकि आज ज्यादातर डेवलपर्स कोडिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग में AI असिस्टेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं.

अब इंटरव्यू में AI करेगा मदद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google आने वाले महीनों में Code Comprehension राउंड के दौरान उम्मीदवारों को कंपनी-अप्रूव्ड AI असिस्टेंट इस्तेमाल करने देगा. इस राउंड में इंजीनियरिंग कैंडिडेट्स को पहले से लिखे गए कोड को समझना, उसमें मौजूद बग्स ढूंढना, उन्हें ठीक करना और कोड की परफॉर्मेंस बेहतर बनानी होगी.

सबसे खास बात यह है कि अब उम्मीदवार सिर्फ अपनी याददाश्त या स्पीड पर निर्भर नहीं रहेंगे. वे AI की मदद से अपने लॉजिक, डिबगिंग स्किल और इंजीनियरिंग सोच को ज्यादा बेहतर तरीके से दिखा सकेंगे. शुरुआत फिलहाल अमेरिका में Junior और Mid-Level Engineering Roles से की जा रही है.

Gemini AI बनेगा इंटरव्यू पार्टनर

Google इस नए फॉर्मेट के पायलट प्रोग्राम में अपने AI मॉडल Gemini AI का इस्तेमाल करेगा. इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवार इसी AI टूल की मदद ले पाएंगे. कंपनी का मानना है कि इंजीनियरिंग वर्कफ्लो में AI अब सामान्य हिस्सा बन चुका है, इसलिए इंटरव्यू प्रक्रिया को भी उसी हिसाब से अपडेट करना जरूरी है.

Google के Vice President Brian Ong के अनुसार, कंपनी लगातार अपने Hiring System का रिव्यू करती रहती है ताकि बेहतर टैलेंट चुना जा सके. AI-Assisted Interview उसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है.

पुराने इंटरव्यू राउंड्स में भी बदलाव

सिर्फ AI टूल जोड़ना ही नहीं, Google अपने पारंपरिक इंटरव्यू पैटर्न में भी बदलाव कर रहा है. पहले Googleyness and Leadership राउंड मुख्य रूप से बिहेवियर और लीडरशिप सवालों पर आधारित होता था. अब इसमें उम्मीदवारों के पुराने प्रोजेक्ट्स की Technical Design और Engineering Thinking पर भी चर्चा होगी.

इसके अलावा Junior Engineering Candidates के लिए एक Standard Technical Round हटाकर ज्यादा Flexible Engineering Challenge जोड़ा जाएगा. इसमें Fixed Coding Questions की बजाय Real-World Engineering Problems दी जा सकती हैं.

AI दौर में बदल रही है Tech Hiring

यह बदलाव सिर्फ Google तक सीमित नहीं माना जा रहा. पूरी Tech Industry अब ऐसे डेवलपर्स तलाश रही है जो AI के साथ मिलकर ज्यादा प्रभावी तरीके से काम कर सकें. कंपनियां अब केवल कोड याद रखने वाले इंजीनियर नहीं, बल्कि AI Tools का स्मार्ट इस्तेमाल करने वाले Problem Solvers चाहती हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI-Assisted Interviews आम बात बन सकते हैं. इससे कंपनियों को ऐसे उम्मीदवार चुनने में मदद मिलेगी जो वास्तविक प्रोजेक्ट्स में ज्यादा उपयोगी साबित हों.

पहले अमेरिका में होगी टेस्टिंग

Google इस नए इंटरव्यू मॉडल की शुरुआत अपने Cloud और Platforms & Devices Division से कर रहा है. अगर यह Pilot Program सफल रहता है, तो कंपनी इसे दूसरे देशों और टीमों तक भी विस्तार दे सकती है.

कंपनी ने इस मॉडल को Human-led, AI-assisted नाम दिया है. यानी इंटरव्यू इंसान ही लेंगे, लेकिन उम्मीदवारों को कुछ टास्क में AI का सहारा लेने की अनुमति होगी.

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By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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