आजकल हर चीज का बीमा होता है- स्वास्थ्य, जीवन, कार और घर. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या महंगे स्मार्टफोन के लिए भी बीमा लेना चाहिए? कई लोग इसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं, लेकिन असलियत थोड़ी अलग है. आइए समझते हैं कि गैजेट इंश्योरेंस आपके लिए कितना फायदेमंद है.
Gadget Insurance क्या है?
गैजेट इंश्योरेंस मुख्य रूप से Accidental Damage को कवर करता है- जैसे फोन गिरने से स्क्रीन टूटना, पानी से खराब होना या किसी पार्ट का नुकसान. कुछ पॉलिसी चोरी को भी कवर करती हैं, लेकिन यह हर प्लान में शामिल नहीं होता. ध्यान रहे, यह Manufacturer Warranty से अलग है. वारंटी सॉफ्टवेयर या फैक्ट्री डिफेक्ट्स को कवर करती है, लेकिन स्क्रीन टूटने जैसी घटनाओं को नहीं.
लोग क्यों लेते हैं Insurance?
प्रीमियम स्मार्टफोन की रिपेयर कॉस्ट बहुत ज्यादा होती है. सिर्फ स्क्रीन बदलने में ही कई हजार रुपये खर्च हो सकते हैं. ऐसे में जो लोग लंबे समय तक एक ही फोन इस्तेमाल करना चाहते हैं, वे इंश्योरेंस को सुरक्षित विकल्प मानते हैं ताकि अचानक आने वाले खर्च से बच सकें.
इसमें छिपा Catch
इंश्योरेंस हमेशा उतना आसान नहीं होता जितना लगता है
कई पॉलिसी में क्लेम की लिमिट होती है, जैसे सिर्फ एक या दो बार ही क्लेम कर सकते हैं
कुछ मामलों में रिपेयर कॉस्ट का हिस्सा आपको खुद देना पड़ता है
ज्यादातर प्लान 1-2 साल तक ही वैध होते हैं. अगर इस दौरान फोन को कोई नुकसान नहीं हुआ तो प्रीमियम बेकार चला जाता है.
किसके लिए फायदेमंद है?
अगर आप ज्यादा ट्रैवल करते हैं या आउटडोर काम करते हैं तो फोन गिरने या खराब होने का रिस्क ज्यादा है, ऐसे में इंश्योरेंस लेना समझदारी हो सकती है. लेकिन अगर आप सावधानी से फोन इस्तेमाल करते हैं, कवर और स्क्रीन प्रोटेक्टर लगाते हैं और फोन को 3-4 साल तक बिना नुकसान के चला लेते हैं, तो इंश्योरेंस आपके लिए सिर्फ अतिरिक्त खर्च बन सकता है.
आपकी जरूरत और रिस्क लेने की क्षमता
गैजेट इंश्योरेंस लेना या न लेना पूरी तरह आपकी जरूरत और रिस्क लेने की क्षमता पर निर्भर करता है. अगर आपका फोन बहुत महंगा है और आप उसे लंबे समय तक इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इंश्योरेंस मददगार हो सकता है. लेकिन अगर आप सावधानी बरतते हैं तो अच्छे कवर और प्रोटेक्टर से ही काफी सुरक्षा मिल जाती है.
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