कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों खाताधारकों की सहूलियत के लिए डिजिटल सेवाओं का बड़ा विस्तार किया है. श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, अब सरकारी मोबाइल प्लेटफॉर्म 'उमंग' (UMANG) ऐप पर आधार फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग करके नया यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जनरेट, एक्टिवेट और ऑथेंटिकेट किया जा सकता है. इस आधुनिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और ओटीपी वेरिफिकेशन की बदौलत अब पीएफ खाताधारकों को किसी भी कागजी दस्तावेज या दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. इसके अलावा, एक बार यूएएन एक्टिवेट हो जाने पर यूजर सीधे अपने स्मार्टफोन से पीएफ पासबुक डाउनलोड करने, बैलेंस जांचने, ऑनलाइन क्लेम स्टेटस देखने और केवाईसी अपडेट जैसी 5 प्रमुख सेवाओं का लाभ घर बैठे उठा सकते हैं.
बिना कागजी झंझट के ऐसे जनरेट और एक्टिवेट करें नया UAN
जिन कर्मचारियों के पास अभी तक यूएएन नंबर उपलब्ध नहीं है, वे उमंग ऐप के 'UAN Allotment and Activation' अनुभाग में जाकर आसानी से नया नंबर हासिल कर सकते हैं. इसके लिए यूजर को अपना पहचान नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करके सहमति देनी होती है. इसके बाद फोन पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करने के साथ ही 'Aadhaar Face RD' ऐप के जरिए चेहरा स्कैन किया जाता है. बायोमेट्रिक पहचान सफलतापूर्वक सत्यापित होते ही नया यूएएन जनरेट हो जाता है और एसएमएस द्वारा मोबाइल पर भेज दिया जाता है. यदि आपका यूएएन पहले से बना हुआ है, तो सिस्टम स्वतः इसकी सूचना दे देता है.
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पहले से मौजूद UAN को एक्टिवेट और ऑथेंटिकेट करने का तरीका
यदि आपके पास यूएएन पहले से मौजूद है लेकिन वह एक्टिवेट नहीं है, तो उमंग ऐप पर 'UAN Activation' विकल्प का चयन करें. यहां अपना यूएएन, आधार और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद ओटीपी दर्ज करें. इसके तुरंत बाद यूआईडीएआई (UIDAI) एपीआई आधारित फेस स्कैन प्रक्रिया पूरी होती ही खाता एक्टिवेट हो जाएगा. सफल ऑथेंटिकेशन के बाद यूजर को एसएमएस पर एक अस्थायी पासवर्ड प्राप्त होता है. साथ ही ईपीएफओ डेटाबेस में कर्मचारी की नवीनतम फोटो और पता अपने आप अपडेट हो जाते हैं. जो खाते पहले से एक्टिवेट हैं, वे भी इस फेस ऑथेंटिकेशन फीचर के जरिए अपने ईपीएफ रिकॉर्ड्स को आसानी से अपडेट कर सकते हैं.
एक ऐप में मिलेंगी पीएफ बैलेंस, पासबुक और क्लेम स्टेटस की सुविधाएं
यूएएन एक्टिवेशन और सत्यापन पूरा होते ही उमंग ऐप ईपीएफओ की पूरी डिजिटल लाइब्रेरी खोल देता है. इसके बाद कर्मचारी किसी भी समय अपने पीएफ खाते का कुल बैलेंस चेक कर सकते हैं और पूरी ई-पासबुक डाउनलोड कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त, यदि किसी सदस्य ने पीएफ एडवांस या फाइनल विड्रॉल के लिए आवेदन किया है, तो उसके क्लेम की लाइव ट्रैकिंग स्थिति भी ऐप पर स्पष्ट दिखाई देती है. केवाईसी क्रेडेंशियल्स को अपडेट करना भी अब काफी सरल और सुरक्षित हो गया है.
जानिए क्या है उमंग प्लेटफॉर्म और इसके फायदे
उमंग (Unified Mobile Application for New-age Governance) भारत सरकार का एक प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा नेशनल ई-गवर्नेंस डिविजन (NeGD) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है. यह ऐप केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की सैकड़ों ई-गवर्नेंस सेवाओं को एक ही छत के नीचे लाता है. ईपीएफओ की इस नई फेस-स्कैन तकनीक के शामिल होने से अब दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले कर्मचारियों को भी मोबाइल से ही सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से अपनी पेंशन व भविष्य निधि सेवाओं तक सीधी पहुंच मिल गई है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: उमंग ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन के लिए किस अतिरिक्त ऐप की आवश्यकता होती है?
उत्तर: इसके लिए आपके एंड्रॉइड या आईओएस स्मार्टफोन में गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से आधिकारिक 'Aadhaar Face RD' ऐप का इंस्टॉल होना अनिवार्य है.
Q2: क्या नया UAN जनरेट करने के लिए मोबाइल नंबर का आधार से लिंक होना जरूरी है?
उत्तर: जी हां, ओटीपी वेरिफिकेशन के लिए आपका मोबाइल नंबर आधार के साथ लिंक होना आवश्यक है.
Q3: उमंग ऐप से कौन-कौन सी 5 मुख्य ईपीएफओ सेवाएं मिलती हैं?
उत्तर: इसके माध्यम से नया UAN जनरेट/एक्टिवेट करना, पीएफ बैलेंस चेक करना, ई-पासबुक डाउनलोड करना, क्लेम स्टेटस ट्रैक करना और केवाईसी डिटेल्स अपडेट करना शामिल हैं.
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