55 लाख की Range Rover कौड़ियों के भाव बेचनी पड़ी, दिल्ली में रेखा सरकार के फरमान पर बंदे ने सोशल मीडिया में रोया दुखड़ा

Delhi Old Vehicle Policy: दिल्ली में 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर बैन के चलते एक व्यक्ति को अपनी 55 लाख की Range Rover औने-पौने दामों में बेचनी पड़ी. जानिए इस नीति और इसके असर को और सोशल मीडिया पर उठे सवाल भी.

Delhi Old Vehicle Policy | Ritesh Gandotra Range Rover : दिल्ली-एनसीआर में लागू हुए 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर बैन के चलते एक कार मालिक को अपनी महंगी लग्जरी SUV Range Rover बेहद कम कीमत पर बेचनी पड़ी. यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जहां दिल्ली निवासी रितेश गंडोत्रा ने अपनी पीड़ा साझा की.

‘गाड़ी में अभी भी दो लाख किलोमीटर से अधिक चलने की क्षमता’

रितेश ने बताया कि उन्होंने यह डीजल SUV वर्ष 2018 में करीब 55 लाख रुपये में खरीदी थी. यह कार अब तक केवल 74,000 किलोमीटर चली है और कोविड-19 के दौरान दो साल तक पार्किंग में खड़ीरही. उनका दावा है कि इस गाड़ी में अभी भी दो लाख किलोमीटर से अधिक चलने की क्षमता है. बावजूद इसके, दिल्ली सरकार की नई नीति के तहत 10 साल से पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगने के कारण उन्हें यह गाड़ी औने-पौने दामों में NCR के बाहर बेचना पड़ा.

ritesh gandotra range rover tweet / x

‘यह ग्रीन पॉलिसी नहीं है, बल्कि…’

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “यह कोई ग्रीन पॉलिसी नहीं है, बल्कि जिम्मेदार ओनरशिप और कॉमन सेंस पर पेनल्टी है.” उन्होंने यह भी बताया कि अगर वे इसी सेगमेंट की नई गाड़ी खरीदते हैं, तो उन्हें 45%GST और सेस देना होगा, जिससे नई गाड़ी खरीदना और भी महंगा हो जाता है.

पुरानी गाड़ियों को फ्यूल नहीं मिलेगा

इस नीति के तहत 1 जुलाई 2025 से दिल्ली में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को फ्यूल स्टेशन पर ईंधन नहीं मिलेगा, चाहे वे फिटनेस टेस्ट पास क्यों न कर लें. इसके लिए 350 से अधिक पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं.

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. कई लोगों ने इस नीति को अनुचित बताया और सुझाव दिया कि यूरोप की तरह फिटनेस या एमिशन टेस्ट आधारित मॉडल अपनाया जाना चाहिए.

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Author: Rajeev Kumar

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