ChatGPT का वायरल 80s फोटो ट्रेंड आजमाने से पहले जान लें ये Privacy Risks

ChatGPT पर वायरल हो रहे 80s फोटो ट्रेंड का इस्तेमाल करते हुए अपनी तस्वीरें अपलोड करने से पहले प्राइवेसी के खतरों को समझना ज़रूरी है. जानें कैसे अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखें.

सोशल मीडिया पर ChatGPT का 80s फोटो ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें लोग अपनी तस्वीर ChatGPT पर अपलोड करके उसे 1980 के दशक के ग्लैमरस पोर्ट्रेट में बदल रहे हैं. बड़ी हेयरस्टाइल, पुराने जमाने के कपड़े, गर्म स्टूडियो लाइटिंग और विंटेज फिल्म इफेक्ट वाली ये तस्वीरें लोगों को काफी पसंद आ रही हैं.

हालांकि, AI से अपनी तस्वीर को नया रूप देना मजेदार लग सकता है, लेकिन फोटो अपलोड करने से पहले कुछ Privacy Risks को समझना जरूरी है. एक तस्वीर में सिर्फ चेहरा ही नहीं, बल्कि कई दूसरी निजी जानकारियां भी छिपी हो सकती हैं.

फोटो अपलोड करने पर क्या होता है?

किसी तस्वीर में दिखाई देने वाली चीजों के अलावा भी काफी जानकारी हो सकती है. किसी व्यक्ति का चेहरा व्यक्तिगत डेटा माना जा सकता है, क्योंकि इससे उसकी पहचान करने में मदद मिल सकती है.

इसके अलावा, फोटो की मूल फाइल में मेटाडेटा भी हो सकता है. इसमें तस्वीर लेने की तारीख, इस्तेमाल किए गए डिवाइस और कुछ मामलों में लोकेशन की जानकारी शामिल हो सकती है.

तस्वीर का बैकग्राउंड भी महत्वपूर्ण है. उसमें घर का नंबर, सड़क का नाम, गाड़ी का नंबर, ऑफिस, कॉलेज या किसी दूसरे व्यक्ति की जानकारी गलती से दिखाई दे सकती है.

ChatGPT पर फोटो की Privacy कैसे संभाली जाती है?

जब आप कोई तस्वीर ChatGPT पर अपलोड करते हैं, तो वह आपकी बातचीत का हिस्सा बन जाती है. इसका इस्तेमाल OpenAI की Data Policies और आपके अकाउंट की सेटिंग्स के अनुसार किया जाता है.

Consumer अकाउंट में अपलोड की गई सामग्री, जिसमें तस्वीरें भी शामिल हैं, मॉडल को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है, अगर यूजर ने इसके लिए अनुमति बंद नहीं की है.

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ChatGPT पर अपलोड की गई हर तस्वीर अपने आप मॉडल की ट्रेनिंग में इस्तेमाल होती है. डेटा का इस्तेमाल ChatGPT के प्रकार और यूजर की सेटिंग्स पर निर्भर करता है. OpenAI के अनुसार, उसके Business Products और API का डेटा डिफॉल्ट रूप से मॉडल ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता.

क्या अपनी Selfie ChatGPT पर अपलोड करना सुरक्षित है?

सामान्य Selfie को किसी भरोसेमंद AI सेवा पर अपलोड करना हर स्थिति में खतरनाक नहीं है. लेकिन यह याद रखना चाहिए कि फोटो अपलोड करने का मतलब है कि उसकी एक कॉपी आपके डिवाइस से बाहर किसी सेवा तक जा रही है.

अगर आप नहीं चाहते कि नई बातचीत का इस्तेमाल मॉडल सुधारने के लिए हो, तो ChatGPT की सेटिंग्स में जाकर इसे बंद कर सकते हैं.

Data Controls में ऐसे बदलें सेटिंग

  1. ChatGPT खोलें.
  2. अपने प्रोफाइल या मेन्यू में जाएं.
  3. Settings खोलें.
  4. Data Controls पर जाएं.
Data Controls
  1. Improve the model for everyone विकल्प को बंद कर दें.
Turn Off Automatic Data-Sharing

Temporary Chat का भी कर सकते हैं इस्तेमाल

Privacy को बेहतर रखने के लिए Temporary Chat एक विकल्प हो सकता है. OpenAI के अनुसार, Temporary Chat की बातचीत मॉडल ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं होती, चैट हिस्ट्री में दिखाई नहीं देती और सामान्य तौर पर 30 दिनों के भीतर सिस्टम से डिलीट कर दी जाती है. हालांकि, सुरक्षा और कानूनी कारणों से कुछ अपवाद हो सकते हैं.

फिर भी Temporary Chat का इस्तेमाल करने का मतलब यह नहीं है कि आपको हर तरह की निजी तस्वीर अपलोड करनी चाहिए.

किन तस्वीरों को अपलोड करने से बचें?

AI फोटो ट्रेंड आजमाते समय इन तस्वीरों को अपलोड करने से बचना बेहतर है:

  • आधार कार्ड, पासपोर्ट या दूसरे पहचान पत्र
  • बैंक, मेडिकल या निजी दस्तावेज
  • बेहद निजी या संवेदनशील तस्वीरें
  • बच्चों की तस्वीरें, खासकर बिना माता-पिता की अनुमति के
  • ऐसी तस्वीरें जिनमें घर का पता या गाड़ी का नंबर दिखाई देता हो
  • किसी दूसरे व्यक्ति की फोटो, बिना उसकी अनुमति के

अपनी तस्वीर अपलोड करने से पहले बैकग्राउंड को क्रॉप करें. घर का नंबर, गाड़ी की नंबर प्लेट और दूसरी निजी जानकारी को ब्लर कर दें. साथ ही, फोटो अपलोड करने से पहले ChatGPT की Privacy Settings जरूर जांचें.

AI फोटो बनाने का पर्यावरण पर भी असर

AI फोटो ट्रेंड का असर केवल Privacy तक सीमित नहीं है. AI से तस्वीर बनाने में बिजली और कंप्यूटिंग संसाधनों का इस्तेमाल होता है.

Carnegie Mellon University और Hugging Face की एक रिसर्च के अनुसार, एक AI इमेज बनाने में सिस्टम और प्रक्रिया के आधार पर लगभग 0.01 से 0.29 किलोवाट-घंटे तक बिजली खर्च हो सकती है.

एक तस्वीर के लिए यह मात्रा कम लग सकती है. लेकिन जब लाखों लोग एक ही ट्रेंड में शामिल होकर कई-कई तस्वीरें बनाते हैं, तो कुल ऊर्जा खपत बढ़ सकती है.

इसलिए यूजर्स को जरूरत के अनुसार ही तस्वीरें बनानी चाहिए. एक जैसी दर्जनों तस्वीरें बार-बार बनाने के बजाय कुछ चुनिंदा वर्जन तैयार करना बेहतर विकल्प हो सकता है.

AI फोटो ट्रेंड आजमाते समय इन बातों का रखें ध्यान

ChatGPT का 80s फोटो ट्रेंड मजेदार हो सकता है, लेकिन अपनी तस्वीर अपलोड करने से पहले Privacy Settings जरूर जांचें. फोटो में मौजूद निजी जानकारी हटाएं और संवेदनशील तस्वीरें अपलोड न करें.

सबसे जरूरी बात यह है कि AI टूल का इस्तेमाल करते समय सुविधा और Privacy के बीच संतुलन बनाए रखें.

क्या ChatGPT पर Selfie अपलोड करना सुरक्षित है?

सामान्य Selfie अपलोड करना हमेशा खतरनाक नहीं है, लेकिन फोटो में निजी जानकारी हो सकती है. अपलोड करने से पहले Privacy Settings जांचें और संवेदनशील तस्वीरें साझा करने से बचें.

ChatGPT पर अपलोड की गई तस्वीरों का इस्तेमाल कैसे होता है?

तस्वीरें आपकी बातचीत का हिस्सा बनती हैं और डेटा सेटिंग्स के अनुसार उनका इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर आप नहीं चाहते कि नई बातचीत का इस्तेमाल मॉडल सुधारने के लिए हो, तो Data Controls में जाकर "Improve the model for everyone" विकल्प बंद कर सकते हैं.

ChatGPT पर फोटो अपलोड करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

फोटो के बैकग्राउंड से घर का नंबर, गाड़ी की नंबर प्लेट और निजी दस्तावेज हटा दें. पहचान पत्र, मेडिकल रिकॉर्ड, निजी तस्वीरें और दूसरे लोगों की फोटो बिना अनुमति के अपलोड न करें.

ये भी पढ़ें: Instagram पर छाया 80s AI फोटो ट्रेंड, ChatGPT से मिनटों में बनाएं अपना रेट्रो लुक, जानें वायरल प्रॉम्प्ट

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By संतोष कुमार

संतोष कुमार एक स्वतंत्र साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर हैं। उनकी रुचि के प्रमुख क्षेत्रों में साइबर सिक्योरिटी, IoT सिक्योरिटी, सैटेलाइट सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग, वल्नरेबिलिटी रिसर्च और डिजिटल फोरेंसिक शामिल हैं। वे टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी कम्युनिटी में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और सिक्योरिटी रिसर्च, वल्नरेबिलिटी एनालिसिस तथा उभरती हुई तकनीकों पर नियमित रूप से काम करते हैं।

उन्होंने IBM, Google, Microsoft और Apple जैसी प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों से जुड़े सिक्योरिटी रिसर्च और वल्नरेबिलिटी रिसर्च पर भी काम किया है। संतोष कुमार साइबर सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी और उभरते ट्रेंड्स से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं। उनके लेख जटिल तकनीकी विषयों को सरल और आसानी से समझ आने वाली भाषा में प्रस्तुत करने पर केंद्रित होते हैं।

वे लगातार टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी के नए क्षेत्रों को एक्सप्लोर करते रहते हैं, जिसमें IoT, सैटेलाइट सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कनेक्टेड टेक्नोलॉजी की सिक्योरिटी में उनकी विशेष रुचि है।

If you spot an error, have feedback, or simply want to say hi, you'll find me at
Mail :

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >