Budget 2026 ने खोला AI मिशन का नया चैप्टर, लैब से निकलकर जिंदगी तक पहुंचेगा एआई

बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने IndiaAI Mission के लिए ₹1,000 करोड़ का प्रावधान किया. यह राशि संशोधित अनुमान से अधिक है और भारत को वैश्विक AI दौड़ में मजबूत बनाने का प्रयास है.

भारत सरकार ने इस बार के आम बजट 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बड़ा ऐलान किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने IndiaAI Mission के तहत ₹1,000 करोड़ का प्रावधान किया है. यह राशि पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान ₹800 करोड़ से अधिक है, हालांकि मूल प्रस्तावित ₹2,000 करोड़ से कम है. सरकार का यह कदम भारत को वैश्विक AIदौड़ में मजबूती देने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

भारत का AI विजन और मिशन

IndiaAI Mission देश का प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वैश्विक शक्ति बनाना है. जुलाई 2024 में पहली बार AI को अलग बजट मिला था, जब ₹551.75 करोड़ का आवंटन किया गया. इससे पहले तक AI के लिए अलग से कोई फंड नहीं था और इसे तकनीकी विकास की बड़ी योजनाओं में शामिल किया जाता था.

आर्थिक सर्वेक्षण की चेतावनी

29 जनवरी को जारी आर्थिक सर्वेक्षण में सरकार ने चिंता जताई थी कि दुनिया में AI की ताकत कुछ ही कंपनियों तक सीमित है. रिपोर्ट में कहा गया कि इस अंतर को सार्वजनिक फंडिंग से पाटना बेहद महंगा होगा. इसके बावजूद भारत ने रणनीतिक दृष्टि से AI में निवेश को प्राथमिकता दी है, क्योंकि यह रक्षा, सुरक्षा और व्यापार के लिए निर्णायक तकनीक बन चुकी है.

ग्लोबल कंटेक्स्ट

नवंबर 2025 में भारत ने अपनी पहली AI Governance Guidelines जारी की थीं. इसी तरह अमेरिका और चीन ने भी पिछले साल अपने-अपने फ्रेमवर्क लागू किए. इससे साफ है कि दुनिया भर में AI को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज हो चुकी है और भारत इस दौड़ में पीछे नहीं रहना चाहता.

उद्योग जगत की प्रतिक्रिया

Aditya Infotech Ltd (CPPLUS) के मैनेजिंग डायरेक्टर आदित्य खेमका ने कहा कि सरकार का यह कदम प्रयोग से आगे बढ़कर वास्तविक और मिशन-क्रिटिकल उपयोग की दिशा में है. उनके अनुसार, जैसे-जैसे AI सार्वजनिक सुरक्षा, निगरानी और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा बन रहा है, यह बजट सुरक्षित और जिम्मेदार अपनाने की नींव रखता है.

AI को उद्योग, सुरक्षा और समाज तक पहुंचाना

2018 में पहली बार बजट भाषण में AI का उल्लेख हुआ था. तब यह केवल एक विचार था, लेकिन अब यह भारत की रणनीतिक प्राथमिकता बन चुका है. ₹1,000 करोड़ का यह आवंटन दिखाता है कि सरकार AI को केवल शोध तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे उद्योग, सुरक्षा और समाज के लिए वास्तविक समाधान बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रही है.

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By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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