बिना इंटरनेट चलने वाला Bitchat ऐप सरकार के निशाने पर, जानिए वजह

भारत सरकार ने Bitchat ऐप के सोर्स कोड को हटाने का आदेश दिया है. यह ऐप बिना इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क या सर्वर के ब्लूटूथ मेश टेक्नोलॉजी से काम करता है. जानिए सरकार ने क्यों जताई है सुरक्षा चिंता.

बिना इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क या किसी सर्वर के मैसेज भेजने वाला Bitchat ऐप अब भारत सरकार के निशाने पर आ गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने GitHub को निर्देश दिया है कि वह Bitchat से जुड़े सोर्स कोड रिपॉजिटरी को हटाए. यह ऐप ट्विटर (अब X) के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी से जुड़ा हुआ है और ब्लूटूथ मेश टेक्नोलॉजी के जरिये डिवाइस-टू-डिवाइस मैसेजिंग की सुविधा देता है. सरकार का कहना है कि ऐसी तकनीक कानून प्रवर्तन (एनफोर्समेंट) एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है.

क्या है Bitchat और कैसे करता है काम?

Bitchat एक डिसेंट्रलाइज्ड मैसेजिंग ऐप है, जिसे इस तरह तैयार किया गया है कि यह इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क या किसी सेंट्रल सर्वर के बिना भी काम कर सकता है. यह ब्लूटूथ मेश टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है, जिससे आसपास मौजूद डिवाइस आपस में सीधे जुड़कर संदेश भेज सकते हैं.

इस ऐप को इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी या किसी तरह के अकाउंट रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती. यही वजह है कि इसमें यूजर की पहचान ट्रैक करना काफी मुश्किल हो जाता है.

GitHub को 3 घंटे में कार्रवाई का निर्देश

रिपोर्ट के मुताबिक I4C ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और इंटरमीडियरी गाइडलाइंस के तहत GitHub को आदेश जारी किया. इसमें Bitchat से जुड़े तीन रिपॉजिटरी को तीन घंटे के भीतर भारत में ऐक्सेस से हटाने या ब्लॉक करने के लिए कहा गया.

यह पहली बार माना जा रहा है कि सरकार ने संशोधित आईटी नियमों के तहत सोशल मीडिया पोस्ट या वीडियो की बजाय सीधे किसी सॉफ्टवेयर के सोर्स कोड को हटाने के लिए रीजन्ड इंटिमेशन प्रक्रिया का इस्तेमाल किया है.

सरकार ने क्यों जताई सुरक्षा संबंधी चिंता?

I4C का कहना है कि Bitchat जैसी तकनीक में किसी तरह का सेंट्रल लॉग या सर्वर नहीं होता. ऐसे में अगर कोई गैरकानूनी गतिविधि होती है तो उसकी जांच, निगरानी या जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान करना बेहद कठिन हो सकता है.

एजेंसी के अनुसार, इस तरह के प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल हिंसक प्रदर्शन, अफवाह फैलाने, संगठित अपराध, आतंकवाद, कट्टरपंथ फैलाने या इंटरनेट बंद होने की स्थिति में भी गुप्त रूप से संवाद करने के लिए किया जा सकता है. यही वजह है कि सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था के नजरिये से संवेदनशील मान रही है.

Jack Dorsey ने क्या कहा?

GitHub को आदेश जारी होने के बाद जैक डोर्सी ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा कि भारत सरकार Bitchat जैसी तकनीकों को पसंद नहीं करती और इसे हटाना चाहती है. हालांकि इस मामले में GitHub की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

आने वाले समय में बढ़ सकती है निगरानी

एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक ऐप तक सीमित नहीं रह सकता. भविष्य में यदि कोई अन्य प्लैटफॉर्म भी ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करता है, जहां कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए निगरानी या जांच संभव नहीं हो, तो उसके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है. इससे यह संकेत मिलता है कि भारत सरकार अब सिर्फ ऑनलाइन कंटेंट ही नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर कोड पर भी कड़ी नजर रख रही है.

FAQs

Bitchat ऐप क्या है?

Bitchat एक डिसेंट्रलाइज्ड मैसेजिंग ऐप है, जो ब्लूटूथ मेश टेक्नोलॉजी के जरिये बिना इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क के मैसेज भेजने की सुविधा देता है.

भारत सरकार ने GitHub को क्या निर्देश दिया है?

I4C ने GitHub को Bitchat से जुड़े तीन सोर्स कोड रिपॉजिटरी हटाने या भारत में उनकी पहुंच बंद करने का निर्देश दिया है.

सरकार ने इस ऐप पर आपत्ति क्यों जताई?

सरकार का कहना है कि इस ऐप में यूजर की पहचान और मैसेज ट्रैक करना मुश्किल है, जिससे इसका गलत इस्तेमाल कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है.

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By Rajeev Kumar

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