स्मार्टवॉच अब सिर्फ कदम गिनने, कैलोरी बर्न का हिसाब रखने या वर्कआउट रिकॉर्ड करने तक सीमित नहीं रह गई हैं. दिल की धड़कन और हार्ट रिदम पर नजर रखने वाले फीचर्स कई बार यूजर्स को समय रहते असामान्य बदलाव का संकेत भी दे सकते हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक फिटनेस एथलीट की Apple Watch ने ट्रेनिंग के दौरान अनियमित हार्ट रिदम का अलर्ट दिया. बाद में डॉक्टरों की जांच में पता चला कि वह सालों से एक जन्मजात हृदय दोष के साथ जी रहा था, जिसकी पहले कभी पहचान नहीं हो पाई थी.
दौड़ते समय 219 बीपीएम पहुंची हार्ट रेट
इस मामले में एथलीट कॉनर एक नियमित और इंटेंस ट्रेनिंग रूटीन फॉलो कर रहे थे. वह ट्रायथलॉन जैसे कठिन खेल के लिए फिटनेस ट्रेनिंग करते थे, लेकिन कुछ समय से उन्हें अपनी स्टैमिना में कमी महसूस होने लगी थी. एक हाई-इंटेंसिटी रन के दौरान उनकी हार्ट रेट अचानक 219 बीट्स प्रति मिनट तक पहुंच गई.
यह रीडिंग सामान्य महसूस नहीं होने पर कॉनर ने अपनी Apple Watch के ईसीजी फीचर का इस्तेमाल किया. स्मार्टवॉच ने हार्ट रिदम में अनियमितता के संकेत दिए और एट्रियल फिब्रिलेशन से जुड़ा अलर्ट दिखाया. कॉनर ने इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टरों से संपर्क किया और अपनी स्मार्टवॉच में रिकॉर्ड हुआ डेटा भी मेडिकल टीम के साथ शेयर किया.
गहराई से हुई जांच तो सामने आई दिल की बनावट में जन्मजात गड़बड़ी
शुरुआती जांच के बाद कॉनर की कार्डियक स्थिति को बेहतर तरीके से समझने के लिए आगे के मेडिकल टेस्ट और एडवांस्ड इमेजिंग कराई गई. इन्हीं जांचों के दौरान डॉक्टरों को दिल की बनावट में जन्म से मौजूद एक ऐसी गड़बड़ी मिली, जिसकी पहचान दशकों तक नहीं हो पाई थी.
रिपोर्ट के अनुसार, कॉनर की अच्छी फिटनेस ने लंबे समय तक इस समस्या के स्पष्ट लक्षणों को सामने नहीं आने दिया. वह नियमित ट्रेनिंग करते रहे, लेकिन अंदर मौजूद हृदय संबंधी समस्या का पता तब चला जब हार्ट रिदम में असामान्य बदलाव रिकॉर्ड हुआ और उन्होंने समय रहते मेडिकल सलाह ली.
डॉक्टरों ने बताई ओपन-हार्ट सर्जरी की जरूरत
विस्तृत जांच के बाद डॉक्टरों ने तय किया कि हृदय की संरचनात्मक समस्या को ठीक करने के लिए ओपन-हार्ट सर्जरी जरूरी है. सर्जरी सफल रही और रिकवरी के दौरान कॉनर ने अपनी लंग कैपेसिटी में भी सुधार महसूस किया.
यह मामला बताता है कि रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले वियरेबल डिवाइसेज कई बार शरीर में होने वाले असामान्य बदलाव को नोटिस करने में मदद कर सकते हैं. खासकर ऐसे लोग जो नियमित एक्सरसाइज या इंटेंस वर्कआउट करते हैं, उनके लिए लगातार हार्ट रेट और रिदम पर नजर रखने वाले फीचर्स उपयोगी साबित हो सकते हैं.
स्मार्टवॉच का अलर्ट मददगार है, मेडिकल रिपोर्ट नहीं
यहां सबसे जरूरी बात यह है कि Apple Watch या किसी भी दूसरी स्मार्टवॉच को डॉक्टर या प्रोफेशनल मेडिकल टेस्ट का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए. ईसीजी और हार्ट रेट जैसे फीचर्स संभावित असामान्यता का संकेत दे सकते हैं, लेकिन किसी बीमारी या हृदय समस्या की अंतिम पुष्टि केवल योग्य डॉक्टर और मेडिकल जांच के जरिए ही हो सकती है.
अगर किसी वियरेबल डिवाइस में बार-बार असामान्य हार्ट रेट या अनियमित रिदम का अलर्ट दिखाई दे, तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. ऐसे मामलों में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है. हालांकि एक बार मिलने वाला अलर्ट भी अपने आप में किसी बीमारी की पुष्टि नहीं करता.
वियरेबल टेक्नोलॉजी बन रही है अर्ली-वॉर्निंग टूल
कॉनर का मामला यह दिखाता है कि स्मार्टवॉच जैसी कंज्यूमर टेक्नोलॉजी अब केवल फिटनेस गैजेट नहीं रह गई है. लगातार हेल्थ डेटा रिकॉर्ड करने की क्षमता कुछ यूजर्स को अपने शरीर में होने वाले बदलाव जल्दी पहचानने में मदद कर सकती है.
भविष्य में सेंसर और हेल्थ मॉनिटरिंग फीचर्स और बेहतर होने के साथ ऐसे डिवाइसेज संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के शुरुआती संकेत पहचानने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. फिर भी इनका सही उपयोग तभी है, जब किसी अलर्ट को देखकर यूजर खुद से इलाज करने के बजाय जरूरत पड़ने पर मेडिकल एक्सपर्ट की सलाह ले.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या Apple Watch से दिल की बीमारी का पता लगाया जा सकता है? ▼
उत्तर: Apple Watch कुछ हार्ट रेट और हार्ट रिदम पैटर्न में असामान्यता के संकेत दे सकती है, लेकिन यह किसी दिल की बीमारी की अंतिम मेडिकल डायग्नोसिस नहीं करती. किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि डॉक्टर और क्लिनिकल जांच से ही होती है.
Q2. एट्रियल फिब्रिलेशन अलर्ट मिलने पर क्या करना चाहिए? ▼
उत्तर: ऐसे अलर्ट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर अगर यह बार-बार आए या यूजर को कोई असामान्य लक्षण महसूस हो. स्मार्टवॉच में रिकॉर्ड हुई जानकारी डॉक्टर को दिखाकर प्रोफेशनल मेडिकल सलाह लेना बेहतर होता है.
Q3. क्या फिट व्यक्ति को भी अनडायग्नोज्ड हार्ट प्रॉब्लम हो सकती है? ▼
उत्तर: हां, अच्छी फिटनेस होने के बावजूद कुछ हृदय संबंधी या जन्मजात संरचनात्मक समस्याएं लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षण के रह सकती हैं. इसलिए असामान्य स्वास्थ्य संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए.
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